जोधपुर में 13 प्रसूताओं की मौत

गर्भवति महिला
Image caption बच्चे के जन्म के समय भारत में हर साल एक बड़ी संख्या में महिलाओं की मौत होती है.

राजस्थान सरकार ने जोधपुर के एक सरकारी अस्पताल में पिछले दिनों कथित तौर पर संक्रमित ग्लूकोज़ से 13 प्रसूताओ की मौत की घटना को गंभीरता से लिया है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए है. इस बीच पुलिस ने ये ग्लूकोज़ आपूर्ति करने वाली एक फ़र्म के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया है.

जोधपुर में उम्मेद हॉस्पिटल प्रशासन ने 13 मौतों की पुष्टि की है मगर कहा है कि इनमे से नौ मौतें जटिल प्रसव का नतीजा भी हो सकती है.

हालाँकि हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ नरेन्द्र ने बीबीसी से कहा कि ग्लूकोज के तीन बैच में गड़बड़ी पाई गई है. ''हमने जाँच में तीन बैच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है, निर्माता फ़र्म के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.''

मुख्यमंत्री गहलोत ने पत्रकारों से कहा कि पूरे मामले की जाँच के आदेश दिए गए है और क़सूरवारों के ख़िलाफ़ कारवाई की जाएगी.

राज्य सरकार ने जयपुर से विशेषज्ञों की एक टीम जाँच के लिए जोधुपर रवाना की है. साथ ही उस कम्पनी के उत्पादित ग्लूकोज़ के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है. अधिकारियों को प्रारम्भिक जाँच में ग्लूकोज़ में एक बैक्टीरिया की मौजूदगी के संकेत मिले हैं.

इन मौतों से लोगों में घबराहट फैल गई और उन्होंने प्रशासन से शिकायत की.

इसके बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की. उधर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है.

पुलिस ने हॉस्पिटल के चिकित्सकों के बयान भी दर्ज कर लिए है.

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