एक धोखा है रेल बजट: विपक्ष

  • 25 फरवरी 2011
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वर्ष 2011-12 के लिए शुक्रवार को पेश किए गए रेल बजट पर वामपंथी दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ममता बनर्जी की तारीफ़ करते हुए कहा है कि रेल भाड़ों में वृद्धि न किए जाने से महंगाई में कमी आएगी.

रेल बजट के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “भाड़ों में वृद्धि नहीं की गई है. इससे महंगाई के लिए ज़िम्मेदार वजहों में कमी लाने में मदद मिलेगी.”

वहीं विपक्षी पार्टियों ने कहा है कि ये रेल बजट खातों से खिलवाड़ मात्र है ताकि ये दर्शाया जा सके कि मुनाफ़ा हुआ है.

भारतीय जनता पार्टी और वामपंथी दलों दोनों ने कहा है कि रेलवे का प्रदर्शन और आर्थिक हालात अच्छे नहीं है और रेलवे दिवालिएपन की ओर बढ़ेगा.

भाजपा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, “रेल बजट में ये रवैया अपनाया गया कि उन्हें कुछ नहीं करना है. विचारों का अकाल पड़ गया है. रेलवे की आर्थिक स्थिति बेहद ख़राब है.”

ख़ुश है कांग्रेस

उधर सीपीएम पोलितब्यूरो ने रेल बजट को ‘धोखाधड़ी’ करार दिया है जिसका मकसद रेलवे की आर्थिक बदहाली को किसी तरह ढकना है और ऐसी योजनाएँ लागू करना है जो कभी शुरु ही नहीं होगीं.

सीपीएम ने कहा है कि रेलवे वित्तीय संकट से गुज़र रहा है. सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने बजट को एक ‘धोखा’ बताया.

पार्टी के मुताबिक, “आँकड़ें साफ़ तौर पर बताते हैं कि जैसे जैसे रेलवे आम बजट से संसाधन लेता रहेगा इसके अपने संसाधनों में कमी आती रहेगी.”

जबकि कांग्रेस ने रेल बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि इसमें आम आदमी के प्रति संवेदनशीलता दिखाई गई है. भाड़े न बढ़ाए जाने पर कांग्रेस ने ख़ुशी जताई है.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ममता बनर्जी की इस बात के लिए प्रशंसा की है कि उन्होंने रेलवे के सामने आई चुनौतियों को साफ़गोई से स्वीकार किया है.

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