लीबिया में फँसे सैकड़ों भारतीय लौटे

  • 27 फरवरी 2011
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लीबिया में फँसे भारतीयों को लेकर एयर इंडिया के दोनों विमान भारत लौट आए हैं. पहले विमान में 291 भारतीय थे तो दूसरे में 250 लोग थे.

दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाईअड्डे पर पहुँचे इन लोगों के लिए मुफ़्त टेलीफ़ोन सेवा की सुविधा दी गई है.इन लोगों की मदद के लिए रेलवे और विमान कंपनियों ने हवाईअड्डों पर काउंटर बनाए हैं.

इसके अलावा लीबिया से लौटे भारतीयों के लिए हवाई अड्डे में खाने-पीने का प्रबंध किया गया है और चिकित्सा सुविधा दी गई है.

हवाई अड्डे पर भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव और विदेश राज्य मंत्री ई अहमद मौजूद थे. ई अहमद ने लोगों को बताया कि जो लग दिल्ली से अपने गृह नगर जाना चाहते हैं उनकी पूरी मदद की जाएगी और उन्हें एक पाई भी नहीं देनी होगी.

वहीं निरुपमा राव ने कहा कि भारत का समुद्री जहाज़ बेनगाज़ी में सोमवार को पहुँच जाएगा जहाँ से भारतीयों को मिस्र लाया जाएगा और फिर विमान से भारत. उन्होंने कहा कि त्रिपोली में जहाज़ लाने की अनुमति भी माँगी जा रही है.

लीबिया में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए एयर इंडिया ने दो उड़ानें शुरू की हैं. एक अनुमान के मुताबिक करीब 18 हज़ार भारतीय नागरिक लीबिया में रहते हैं

लीबिया की राजधानी त्रिपोली से अगले दस दिन तक विमान सेवा जारी रहेगी.

इसके अलावा नौ सेना के दो युद्धक पोत भी लीबिया में फंसे हज़ारों भारतीयों को लाने के लिए रवाना हो रहे हैं. इनमें आईएनएस जलश्व भी शामिल है जो एक हज़ार मुसाफिरों को वहन कर सकता है.

पैसे नहीं देने होंगे

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लीबिया की सरकार ने शनिवार, 26 फरवरी से लेकर सात मार्च तक केवल दो एयर इंडिया विमानों को लीबिया में लैंडिंग की इजाज़त दी है. इनमें से एक विमान त्रिपोली से दिल्ली और दूसरा त्रिपोली से मुंबई के लिए उड़ान भरेगा.

खबरें आ रही थीं कि कुछ लोग ग़ैर क़ानूनी तरीके से लीबिया से भारत आने वाले नागरिकों से पैसों की मांग कर रहे हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने लीबिया स्थित भारतीय दूतावास के ज़रिए एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि इस तरह की कोई भी गतिविधि ग़ैर क़ानूनी है और जो भी लोग पैसे की मांग कर रहे हैं उनकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए.

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