तमिलनाडु में सीट बंटवारे पर तनाव

Image caption करूनानिधि ने कांग्रेस के रूख़ पर ख़ासी नाराज़गी ज़ाहिर की है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

मीडिया में सूत्रों के हवाले से आ रही ख़बरों के अनुसार डीएके नेता टी आर बालू शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मिलकर केंद्र में समर्थन वापस लेने की बात कर सकते हैं.

गुरूवार को डीएमके के साथ चेन्नई में हुई बैठक में कांग्रेस ने 234 विधानसभा सीटों में से 63 की मांग की थी जबकि डीएमके 60 के लिए तैयार था.

इस बैठक के बाद तमिलनाडु में कांग्रेस के प्रभारी केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आज़ाद मुख्यमंत्री करूनानिधि से बातचीत किए बिना ही दिल्ली लौट आए.

करूनानिधि ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा, “हम अंतत: कांग्रेस को 60 सीट देने के लिए तैयार हो गए थे और गुलाम नबी आज़ाद को ये बता दिया गया था. इस पर हस्ताक्षर करने की बजाए कांग्रेस ने फ़ोन करके 63 सीटों की मांग कर दी और वो भी अपनी पसंद की. क्या ये न्यायोचित है? हम आगे का रास्ता बैठक में तय करेंगे.”

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Image caption ए राजा के मामले पर कांग्रेस और डीएमके के बीच पहले से ही तनाव का माहौल है.

पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 48 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे.

दोनों ही पार्टियों की अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं.

शनिवार को डीएमके की उच्चस्तरीय अंदरूनी बैठक हो रही है जिसमें आगे का रास्ता तय होगा.

कांग्रेस और डीएमके के रिश्ते पिछले कुछ महीनों से वैसे भी तनाव में रहे हैं क्योंकि 2जी स्कैम को लेकर पूर्व दूरसंचार मंत्री डीएमके के नेता ए राजा को इस्तीफ़ा देना पड़ा और उन पर मुकदमा शुरू हुआ है.

करूनानिधि की बेटी कनीमोज़ी भी इस मामले में सवालों के घेरे में हैं.

राज्य में चुनाव 13 अप्रैल को होने हैं.

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