नक्सल और जवानों की मुठभेड़

नक्सल
Image caption छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का प्रभाव बहुत अधिक है.

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के दो अलग अलग स्थानों पर सुरक्षा बलों और माओवादी छापामारों के बीच चल रही मुठभेड़ में कम से कम तीन जवानों के मारे जाने की खबर है जबकि 6 जवान घायल बताए जाते हैं.

बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक टीजे लंगकुमेर ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों ने भी कम से कम दस माओवादी छापामारों को मार गिराया है.

यह मुठभेड़ दंतेवाड़ा के चिंतलनार और बीजापुर जिले के मनकेली के जंगलों में हो रही है.

हालाकि पुलिस या प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है मगर राज्य के पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि दंतेवाड़ा के चिंतलनार के पास हो रही मुठभेड़ के बाद वहां दो हेलीकाप्टरों को भेजा गया है ताकि घायल जवानों को संभाग के मुख्यालय लाया जा सके.

शाम के लगभग पांच बजे छह घायल जवानों को जगदलपुर लाया गया जहाँ तीन की हालत गंभीर बनी हुई है.

पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से 600 से ज्यादा जिला बल, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल और कोया कमांडो चिंतलनार में अभियान चलाए हुए हैं.

यह अभियान गुप्त सूचना के आधार पर चलाया जा रहा है जिसमे कहा गया है कि इस इलाके में बड़ी संख्या में नक्सलियों का जमावड़ा हो रहा है. चिंतलनार के इलाके को माओवादियों के राजधानी के रूप में जाना जाता है जहां पिछले साल 6 अप्रैल को माओवादियों नें घात लगाकर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 79 जवानों को मार गिराया था.

अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के बाद दंतेवाड़ा के जिला मुख्यालय से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को घटना स्थल पर भेजा जा रहा है. मुठभेड़ सुबह से ही जारी है जिसका नेतृत्व दंतेवाड़ा के डीआईजी एसआरपी कल्लूरी कर रहे हैं. ऐसी भी खबरें हैं कि मुठभेड़ के बाद तीन कोया कमांडो लापता हैं.

दूसरी खबर बिजरपुर के मनकेली जंगलों से आ रही है जहाँ पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है. पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में भी कई माओवादी छापामार मारे गए हैं. मगर अभी तक घटना स्थल से किसी का शव बरामद नहीं हुआ है.

वहीँ बस्तर संभाग के ही नारायणपुर जिले के कुकराझोर में माओवादियों नें निर्माण में लगी कई मशीनों को जला डाला है. घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे मजदूर और ठेकेदार घटना स्थल से भाग खड़े हुए हैं

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