उड्डयन महानिदेशालय अधिकारी गिरफ़्तार

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Image caption भारत में विमान सेवाओं के विस्तार के मुक़ाबले पायलटों की काफ़ी कमी बताई जाती है

पुलिस का कहना है कि पायलटों के फ़र्ज़ी लाइसेंस मामले में भारतीय नागरिक उड्डयन की देख-रेख करनेवाली संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के एक अधिकारी को गिरफ़्तार किया गया है.

इस अधिकारी को तीन अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया है.

इनमें से एक विमान पायलट है.

शुक्रवार को इसी सिलसिले में 14 पायलटों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए थे.

इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने उड़ान के अपने तजूर्बे को बढ़ाकर पेश किया था.

नागरिक उड्डयन प्रमुख भारत भूषण ने बीबीसी से कहा था कि कि जांच में ये बात सामने आई है कि एक फ्लाइंग क्लब ने इन पायलटों के ट्रेनिंग सत्र के फ़र्जी रिकार्ड बना तैयार किए थे.

इससे पहले इसी महीने सात पायलटों के लाइसेंस इसी आधार पर रद्द कर दिए गए थे कि उन्होंने फ़र्जी सर्टिफिकेट दिए थे.

इस फ़र्ज़ीवाड़े को लेकर 400 पायलटों के लाइसेंसों की जांच चल रही है.

भारत भूषण का कहना है कि पुलिस की जांच में पता चला कि राजस्थान के एक फ्लाइंग क्लब ने 14 पायलटों के ट्रेनिंग सत्र के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ दिए.

भूषण के अनुसार पुलिस की इसी जांच के आधार पर पायलटों के लाइसेंस रद्द किए गए.

भारतीय पायलटों को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई विवाद सामने आए हैं. हालांकि भारतीय पायलटों का उड़ने का रिकार्ड काफ़ी अच्छा माना जाता रहा है.

इसी महीने अधिकारियों ने कहा था कि वो उन 57 पायलटों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं जो पिछले दो वर्षों में शराब पीकर काम करते हुए पाए गए हैं.

इसी दौरान उड्डयन विभाग को ऐसी भी शिकायतें मिली हैं कि बड़ी संख्या में पायलट विमान उड़ाने के दौरान सोते हुए भी पाए गए और वो विमान के चालक दल से लड़ते हुए भी मिले.

भारत में जैसे जैसे उड्डयन के क्षेत्र में विस्तार हुआ है अनियमितताओं की शिकायतें भी बढ़ी हैं.

अमरीका, चीन और जापान के बाद भारत की विमान सेवाएं दुनिया की चौथी सबसे बड़ी विमान सेवा है.

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