आरोपों के बाद दंतेवाड़ा के अधिकारी नपे

दंतेवाड़ा
Image caption चिंतलनार में पुलिस की मनमानी के ख़िलाफ़ हुए हैं तबादले

दंतेवाड़ा के चिंतलनार इलाके में राहत सामग्री ले जा रहे सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के क़ाफ़िले पर हमले के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने दंतेवाड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और ज़िला अधिकारी को हटा दिया है.

दंतेवाड़ा के एसपी एसआरपी कल्लूरी की जगह अंकित गर्ग नियुक्त किए गए हैं जबकि ज़िला अधिकारी आर प्रसन्ना की जगह ओमप्रकाश चौधरी को नियुक्त किया गया है.

शनिवार को स्वामी अग्निवेश और पत्रकारों पर हुए हमले के बाद मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ये निर्देश जारी किए.

कहा जा रहा है कि दोरनापाल के सलवा जुडूम कैंप और उसके आसपास के गाँवों से काफ़ी संख्या में जमा हुए लोगों और विशेष पुलिस अधिकारियों ने स्वामी अग्निवेश के क़ाफ़िले पर हमला किया और उन पर अंडे फेंके.

उल्लेखनीय है कि चिंतलनार के इलाके में 14 मार्च को सुरक्षा बलों की ज्यादती के बाद से ही दंतेवाड़ा में पुलिस और प्रशासन के बीच ठन गई है.

यही वजह है कि पुलिस उस इलाके में राहत सामग्री ले जाने पर आपत्ति जता रही है.

इससे पहले बृहस्पतिवार को राहत ले जा रहे बस्तर संभाग के आयुक्त और दंतेवाड़ा के कलेक्टर को पुलिस के विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा था.

प्रशासन के बाद पत्रकारों पर पुलिस का गुस्सा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में कुछ पत्रकारों को भी पुलिस का कोप झेलना पड़ा है.

दंतेवाड़ा के कुछ पत्रकारों पर पुलिस ने एक मामला थाने में दर्ज किया है.

घटना 14 मार्च की है, जब माओवादियों से मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल के जवान वापस लौट रहे थे.

सुरक्षा बलों पर आरोप है कि लौटते समय उन्होंने चिंतलनार के इलाके के कुछ गाँव में आदिवासियों के 300 घरों को जलाया, उनकी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और कुछ ग्रामीणों की हत्या कर दी.

हालांकि पुलिस के अधिकारी घटना से इनकार करते हुए यह कह रहे हैं कि यह सिर्फ़ माओवादियों का प्रचार है, लेकिन दंतेवाड़ा के कलक्टर ने मामले की जांच के लिए एक दल का गठन किया है.

कलक्टर की इस पहल से पुलिस में खासी नाराज़गी देखी जा रही है.

कलक्टर द्वारा गठित किए गए जांच दल के सदस्य और दंतेवाड़ा से प्रकाशित अख़बार बस्तर इंपैक्ट के सम्पादक सुरेश महापात्रा ने इस मामले की जानकारी दी.

इस मामले को लेकर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की.

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