मानवाधिकार आयोग का नोटिस

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Image caption छत्तीसगढ़ में आम लोग माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच पिसते रहते हैं.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दंतेवाड़ा में आदिवासियों के घर जलाने और संपत्ति नष्ट किए जाने के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मानवाधिकार आयोग ने मामले पर स्वत संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं. आयोग ने दो हफ्ते के अंदर नोटिस पर जवाब मांगा है.

रिपोर्टों के अनुसार मार्च के महीने में सुरक्षा बलों ने दंतेवाड़ा के चिंतलनार में आदिवासियों के घरों में आग लगा दी थी और महिलाओं से बदसलूकी की थी.

ये मामला मार्च के पहले हफ्ते का था लेकिन इस बारे में रिपोर्टें 23 मार्च को ही आ पाईं क्योंकि यह दुरुह इलाक़ा है.

राज्य सरकार का पक्ष

हालांकि छत्तीसगढ़ की सरकार का कहना है कि दंतेवाड़ा के चिंतलनार में आदिवासियों के घरों में आगज़नी सुरक्षा बलों ने नहीं बल्कि माओवादियों ने की थी.

इस बात की जानकारी राज्य के गृह मंत्री ननकीराम कँवर ने सोमवार को विधान सभा में दी.

कँवर का कहना है कि कुछ दिनों पहले ताड़मेटला, मोरपल्ली और तिमापुरम में माओवादियों और सुरक्षा बलों में मुठभेड़ हुई जिसके बाद माओवादियों नें आदिवासियों की झोपड़ियों में आग लगा दी.

कँवर का कहना था कि इस संबंध में चिंतलनार थाने में एक मामला दर्ज किया गया है. उनका कहना है कि पुलिस का ध्यान हटाने के लिए माओवादियों नें झोपड़ियों में आग लगा दी.

विपक्ष के भारी शोर शराबे के बीच ननकी राम कँवर सदन में अपना लिखित बयान पढ़ते रहे. वो कांग्रेस के नेता नन्द कुमार पटेल के ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर बोल रहे थे.

सोमवार को विपक्ष ने इस मामले में कार्य स्थगन प्रस्ताव भी पेश किया जिसे विधान सभा के अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने स्वीकार नहीं किया.

अध्यक्ष का कहना था कि इस मामले पर ध्यान आकर्षण प्रस्ताव को वह स्वीकार कर चुके हैं. मगर विपक्ष अपनी मांग पर अडिग रहा.

विपक्ष के हंगामे के बीच पहले अध्यक्ष नें सदन की कार्यवाही को दस मिनट के लिए स्थगित रखा. सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई और विपक्ष नें नारे लगाते हुए बहिष्कार कर दिया.

विपक्ष के नेता रविन्द्र चौबे ने सरकार के बयान को ख़ारिज करते हुए कहा है कि जब उस इलाके में कोई जा ही नहीं पा रहा है और जांच भी पूरी नहीं हो पाई है फिर गृह मंत्री किस आधार पर बयान दे रहे हैं.

चौबे का कहना था कि विपक्ष ने मामले की जांच के लिए एक दल का गठन किया है. विपक्ष के विधायक घटनास्थल का मुआयना करेंगे और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे.

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