भारत-पाक गृह सचिवों की दिल्ली में बैठक

  • 28 मार्च 2011
जी के पिल्लै
Image caption गृह सचिवों की मुलाक़ात से दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों में जमी बर्फ़ के पिघलने की उम्मीद

भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों की दो दिवसीय बातचीत सोमवार से दिल्ली में शुरू हो गई है.

ये बातचीत मोहाली में दोनो देशों के बीच खेले जाने वाले क्रिकेट विश्व कप के सेमी फ़ाइनल मैच के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाक़ात के साए में हो रही है.

पाकिस्तान के गृह सचिव चौधरी क़मर ज़मां छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं.

भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों की सोमवार 28 मार्च से होने वाली दो दिनों की मुलाक़ात लगभग एक साल बाद होने वाली पहली आधिकारिक मुलाक़ात है.

भारत के गृहसचिव गोपाल कृष्ण पिल्लै और उनके पाकिस्तानी सहयोगी चौधरी क़मर ज़मा के बीच होने वाली इस भेंट के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

'पिघलेगी बर्फ़'

नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक के दौरान सीमा पर सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े कैम्पों को हटाने की मांग के अलावा समझौता एक्सप्रेस धमाके पर चल रही जांच की प्रगति पर भी चर्चा होगी जिसमें कई हिंदुवादी संगठनों के हाथ होने की चर्चा गर्म है.

संभावना है कि मुम्बई हमलों से जुड़ी पाकिस्तान अदालत में चल रही सुनवाई पर भी सवाल होंगे साथ ही उस हमले के पीछे प्रमुख रूप से ज़िम्मेदार समझे जाने वाले लोगों की आवाज़ के सैम्पल मुहैया कराने मे देरी पर भी भारत सरकार पाकिस्तान से जवाब चाहेगी.

समझा जा रहा है कि भारत एक दस्तावेज़ तैयार कर रहा है जिसमें सभी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों का ज़िक्र होगा.

ये मुलाक़ात, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच 30 मार्च को मोहाली मे होने वाले भारत पाक क्रिकेट सेमीफाईनल से पहले होगी. अटकले ये लगाई जा रही है कि मैच देखने आए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बैठक भी हो सकती है.

सोमवार 28 मार्च से होने वाली गृहसचिवों की मुलाक़ात से किसी बड़ी खबर की तो संभावना नहीं है लेकिन जानकार मान रहे है कि इस संगठित सचिव स्तरीय बैठक से दोनो देशों के रिश्तों के बीच आई ठंडक में थोड़ी कमी तो ज़रूर आएगी.

2008 में मुम्बई हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ समग्र बातचीत स्थगित कर दी थी , इस साल फरवरी में भूटान में हुई सार्क बैठक के दौरान दोनों देशों ने सभी मुद्दों पर सघन बातचीत शुरू करने का फैसला लिया था.

इससे पहले रविवार को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत में दाख़िल होते हुए क़मर ज़मां ने बताया कि इससे दोनों देशों के रिश्ते मज़बूत होंगें.

नई दिल्ली रवाना होने से पहले अटारी-वाघा सीमा पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ज़मां ने कहा कि इस तरह की कोशिशों से दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण रिश्ते मज़बूत होंगे और लोगों के बीच आपसी संपर्क बढ़ेगा.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को मोहाली में भारत-पाकिस्तान का मैच देखने की दावत का ज़िक्र करते हुए ज़मां ने कहा कि पूरे पाकिस्तान ने इस पहल का स्वागत किया है और प्रधानमंत्री गिलानी मैच देखने मोहाली आ रहे हैं.

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