इतिहास में आज

  • 1 अप्रैल 2011
स्लोबोदान मिलोशेविच इमेज कॉपीरइट BBC World Service

इतिहास में एक अप्रैल को कई घटनाएँ दर्ज हैं. आज ही के दिन साल 2001 में युगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोशेविच गिरफ़्तार हुए थे और उन्हें जेल भेज दिया गया था.

मिलोशेविच पर भ्रष्टाचार और सरकारी फंड की चोरी करने का आरोप लगा था.

मिलोशेविच ने इससे पहले कहा था कि वे ' जिंदा जेल नहीं जाएंगे' और उनके बारे में कहा गया था कि उनकी दिमागी हालात भी असंतुलित थी.

उनकी गिरफ़्तारी की ख़बर उनके घर से गोलियाँ चलने की आवाज़ें सुनाई देने के थोड़ी देर बाद ही आई थी जहां पुलिस ने लगभग 36 घटों तक घेराबंदी कर रखी थी.

मिलोशेविच पर पूर्व युगोस्लाविया के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण में आपराधिक युद्ध का भी आरोप लगाया गया था.

परमाणु संयंत्र के ख़िलाफ़ मानव चेन

आज ही के दिन वर्ष 1983 में दसियों हज़ार लोगों ने दक्षिणी इंगलैंड में बर्कशायर में बन रहे परमाणु संयंत्र के ख़िलाफ़ 22 किलोमीटर से भी लंबी मानव चेन बनाई.

कैम्पेन अगेन्स्ट न्युक्लियर डिसआर्मामेंट नामक संगठन ने इसका आयोजन किया. वे बर्कशायर में परमाणु संयंत्र का विरोध कर रहे थे.

फिल्म अभिनेत्री जूली क्रिस्टी समेत कई जानी मानी हस्तियों ने मार्च का नेतृत्व किया.

ये मार्च एक महीने तक चले विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में अंतिम बड़ा आयोजन था. प्रदर्शनकारियो के अनुसार इसमें 80,000 लोग शामिल हुए थे जबकि पुलिस का दावा है कि इसमें 40,000 लोगों ने ही हिस्सा लिया. पर संख्या कितनी भी हो, वे अपना विरोध दुनिया के सामने दर्ज कर पाए.

ब्रिटेन ने तय किया न्यूनतम वेतन

ब्रिटेन में एक अप्रैल, 1999 को न्यूनतम वेतन का निर्धारण हुआ था. इसी दिन से एक घंटे के काम के लिए कम से कम 3.60 पाउंड न्यूनतम वेतन तय की दर तय की गई थी और यह भी कहा गया कि जिस कामगार की उम्र 22 साल से कम है उन्हें भी तीन पाउंड प्रति घंटा से कम नहीं दिया जाना चाहिए.

इस नए वेतनमान को सभी मालिक लागू करें इस पर नज़र रखने के लिए एक सरकारी संस्था का गठन किया गया था.

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