अन्ना के समर्थन में आमिर ख़ान ने प्रधानमंत्री को ख़त लिखा

आमिर ख़ान
Image caption आमिर ख़ान इससे पहले नर्मदा बचाव आंदोलन के समर्थन में भी आगे आए थे.

बॉलीवुड अभिनेता आमिर ख़ान भी अन्ना हज़ारे के समर्थन में आगे आ गए है. अन्ना हज़ारे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मंगलवार से दिल्ली के जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं. आमिर ख़ान ने बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक ख़त लिखकर उनसे अन्ना हज़ारे की मांगों पर ग़ौर करने का अनुरोध किया.

आमिर ने अपने पत्र में लिखा है कि वो पिछले कुछ दिनों से अन्ना हज़ारे के आमरण अनशन पर बैठने के बारे में मीडिया में आ रही खबरों पर नज़र रखे हुए हैं और इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आख़िर वो किस चिज़ के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं.

आमिर ने ख़त में लिखा, ''मैंने सरकार के लोकपाल विधेयक के मसौदे और सामाजिक कार्यकर्ताओं के ज़रिए तैयार किए गए जन लोकपाल विधेयक के मसौदे दोनों का अध्य्यन किया है. मैं विनम्रतापूर्वक आप से कहना चाहूंगा कि मैंने इस सिलसिल में जो भी पढ़ा है उनके आधार पर कह सकता हूं कि हज़ारे जो कुछ भी कह रहे हैं मुझे वो बातें सही लगती हैं.''

'देश चिंतित'

आमिर ने ख़ुद को देश के एक अरब से अधिक लोगों में शामिल करते हुए कहा कि वह भी औरों की तरह भ्रष्टाचार को लेकर चिंतित हैं.उन्होनें उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसे ईमानदार व्यक्ति समाज को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए सख़्त क़दम उठाएंगें.

Image caption शरद पवार लगातार अन्ना हज़ारे की आलोचना झेल रहे हैं.

आमिर ने प्रधानमंत्री को एक तरह से ख़बरदार करते हुए लिखा कि धीरे धीरे पूरा देश अन्ना हज़ारे की लड़ाई में उनके पीछे जमा हो रहा है.

आमिर ने कहा, "मैं उनमें से एक हूं जो हज़ारे का पूरी तरह से समर्थन करते हैं और मैं इस बात की प्रशंसा करता हूं कि 72 साल के एक बुज़ुर्ग भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपने जीवन के बलिदान के लिए भी तैयार हैं.''

आमिर ने अन्ना हज़ारे को भी एक पत्र लिखकर उनके लिए अपने समर्थन की घोषणा की. अन्ना के अभियान की तारीफ़ करते हुए उन्होंने लिखा, ''आप इस देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं. जिस तरह से पूरे देश ने क्रिकेट विश्व कप जीतने में टीम इंडिया का समर्थन किया था, मैं दुआ करता हूं कि ठीक उसी तरह आपका का ये संघर्ष जो कि ज्यादा महत्वपूर्ण है और जो हम सभी को प्रभावित करता है, उससे भी अधिक जन समर्थन हासिल करेगा.''

पवार का इस्तीफ़ा

इस बीच ख़बर है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार भ्रष्टाचार पर बने मंत्री समूह से हट गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शरद पवार ने प्रधानमंत्री को ख़त लिखकर उन्हें अपने फ़ैसले की सूचना दे दी है.

पवार ने कहा, ''मैंने भ्रष्टाचार पर मंत्री समूह से हटने के बारे में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. मैंने उन्हें सूचित किया है कि मैं समूह के साथ आगे नहीं बने रहना चाहता. मेरी तरफ़ से यह अध्याय अब समाप्त समझा जाए.''

इससे पहले, पवार ने कहा था कि भ्रष्टाचार समेत सभी मंत्री समूहों से अगर उन्हें मुक्त कर दिया जाए तो उन्हें खुशी होगी.

मंत्री समूह से पवार के इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा कि वो मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा क्यों नहीं दे देते.

बुधवार को प्रधानमंत्री को लिखे एक ख़त में अन्ना हज़ारे ने भ्रष्टाचार पर बने मंत्री समूह की जमकर आलोचना की .

उन्होंने बेग़ैर किसी मंत्री का नाम लेते हुए लिखा था, ''आप(प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह) कहते हैं कि मंत्रियों का समूह भ्रष्टाचार निरोधक क़ानून का मसौदा तैयार कर रहा है. लेकिन मंत्री समूह में शामिल कई मंत्रियों का अतीत इतना संदिग्ध है कि अगर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कोई प्रभावी सिस्टम होता तो उनमें से कुछ मंत्री सलाखों के पीछे होते.''