ट्विटर और फ़ेसबुक पर अन्ना को समर्थन

  • 7 अप्रैल 2011
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भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अन्ना हज़ारे का आंदोलन तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है. अन्ना हज़ारे का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी है. उनके समर्थन में हज़ारों लोग दिल्ली के जंतर मंतर पर मौजूद हैं. लेकिन इंटरनेट की दुनिया भी में कम खलबली नहीं है. ट्विटर और फ़ेसबुक पर बड़ी संख्या में लोग इस मुद्दे पर अपनी राय लिख रहे हैं.

लोगों की प्रतिक्रिया

मुकेश कॉ टि्वटर पर लिखते हैं- मुझे समझ में नहीं आता कि कांग्रेस या प्रधानमंत्री को बिल मानने में दिक्कत क्यों है. अन्ना हज़ारे ने किसी राज्य के बटवारे की माँग तो नहीं की है.

ट्विटर पर नैना- मैं अन्ना हज़ारे का समर्थन करती हूँ. मैं किसी अगर, मगर, नकारात्मक, सकारात्मक नतीजे, शायद...इन सबके बारे में नहीं सोच रही हूँ

फ़िल्म अभिनेता अनुपम खेर ने ट्विट किया है- मैंने अन्ना हज़ारे और उन लाखों लोगों के समर्थन में जंतर मंतर जाने का फ़ैसला किया है जो भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं.

अमरीका से नादिया ने फ़ेसबुक पर लिखा है- अन्ना हज़ारे का साथ देने के लिए क्या हम फ़ेसबुक पर अपना स्टेसस बदल सकते हैं..एक ऐसे व्यक्ति के समर्थन में जो हमारे लिए लड़ रहा है जो देश में कड़े भ्रष्टाचार निरोधक का़नून लाना चाहता है.

कहीं कहीं विरोध भरे स्वर भी सामने आ रहे हैं.

वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखते हैं- अन्ना हज़ारे की मैं बहुत इज्ज़त करता हूँ, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ क़दमों का मैं पुरज़ोर स्वागत करता हूँ. लेकिन बिना चर्चा के अन्ना हज़ारे की सभी बातें नहीं मानी जा सकती. लोकपाल पर व्यापक चर्चा होना बेहद ज़रूरी है.

वहीं विभुराज चौधरी ने तंज भरे लहज़े में फ़ेसबुक पर लिखा है- इस सिस्टम को भ्रष्ट बनाने में मेरा भी थोड़ा बहुत योगदान है. अन्ना हज़ारे जिस लोकपाल विधेयक के लिए अनशन पर बैठे हैं, वह मुझ पर लागू नहीं होता. मेरी तरह बहुत से लोग निश्चिंत हैं, ऐसे कुछ लोग आजकल जंतर-मंतर पर देखे जा सकते हैं.

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ट्विटर पर – जिस तरह अन्ना हज़ारे के समर्थन में देश के युवा आगे आए हैं वो अदभुत है. मैं इस मकसद को अपना समर्थन देती हूँ.

आनंद पांडे लिखते हैं- मुझे शक़ है कि कोई भ्रष्ट नेता ये न कह दे कि अन्ना हज़ारे ने लोकपाल बिल के लिए फ़ास्ट नहीं रखा बल्कि नवरात्र के चलते वो पहले से उपवास पर हैं! भगवान् बचाएँ दुर्जनों से !

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राजेश रोशन- करप्शन बोले तो भ्रष्टाचार....जाएगा लेकिन इतनी भी आसानी से नहीं..आप में से कितने लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए खुद ड्राइविंग टेस्ट पास किया है. मैंने तो दलाल को पैसे देकर लाइसेंस बनाया है.

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ट्विटर पर- ये एक ऐसा आंदोलन है जिसकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.

फ़ेसबुक पर दिलीप मंडल अन्ना का विरोध कर रहे हैं. वे फ़ेसबुक पर लिखते हैं-अन्ना हज़ारे की मांग संविधान के विरुद्ध है. वे कानून की प्रक्रिया में उन लोगों की हिस्सेदारी चाहते हैं जो लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चुने गए हैं. आप उन्हें चुन नहीं सकते, हटा नहीं सकते. एमपी, एमएलए को तो हम... चाहे तो हटा सकते हैं. सिविल सोसायटी के इलीट का क्या करेंगे.

फ़िल्मकार शेखर कपूर- न सचिन, न धोनी न आमिर ..बल्कि आम आदमी को उठना होगा और कहना होगा नहीं. मैं ये और नहीं सहूँगा. तभी आंदोलन होगा.

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