मायावती पर भाजपा का 'आरोप-पत्र'

  • 8 अप्रैल 2011
मायावती
Image caption मायावती पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं और उनके ख़िलाफ़ कुछ मामले अदालत में चल रहे हैं.

ऐसे समय में, जबकि अन्ना हज़ारे के अनशन के चलते देश का ध्यान राजनीतिक भ्रष्टाचार पर केंद्रित है, भारतीय जनता पार्टी ने उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के कथित घपलों घोटालों का एक बड़ा पुलिंदा जारी किया है. इसे एफ़आईआर का नाम दिया गया है.

मगर बहुजन समाज पार्टी ने इस आरोप पत्र को झूठ का पुलिंदा कहा है और भाजपा नेताओं को जातिवादी मानसिकता से ग्रसित बताया है.

क़रीब डेढ़ सौ पृष्ठ की एक पुस्तक में मायावती के कथित घोटालों का विस्तृत विवरण दिया गया है. इस आरोप पत्र के माध्यम से भाजपा ने मायावती पर पिछले चार सालों में 2540 अरब रुपए के घोटाले का आरोप लगाया है. साथ में कई काग़जी सुबूत भी दिए गए हैं , जो मुख्यतः सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जवाब और कुछ सरकारी पत्र हैं.

भाजपा के राष्टीय महासचिव डा. किरीट सोमैया ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि , "यह रिपोर्ट महज़ शुरुआत है. भाजपा द्वारा इन घोटालों का व्यापक आरोप-पत्र तैयार किया जा रहा है. वह 12 जून को भारत के राष्ट्रपति के सुपुर्द किया जाएगा.''

सोमैया ने कहा कि गत चार वर्ष के मायावती राज में भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बना दिया गया है. पहले भ्रष्टाचार प्रतिशत में हुआ करता था , गत दो साल में उसे लूट का रूप दे दिया गया है.

'माया टैक्स'

सोमैया के अनुसार यू पी सरकार कि व्यवस्था में एक नया शब्द गढ़ा गया है , जिसे माया टैक्स कहा जा रहा है. सरकार कि हर छोटी बड़ी योजना में हिसा निर्धारित कर लिया गया है और सरकारी व्यवस्था का उपयोग ऐटीएम् मशीन की तरह किया जा रहा है.

इस पुस्तिका में अलग अलग विभागों में कथित भ्रष्टाचार और धन उगाही का अनुमानित विवरण दिया गया है. मसलन कॉरपोरेट हस्तियों के लिए ज़मीन अधिग्रहण, चीनी कारख़ानों की बिक्री, चूना , रेट और पत्थर की खानों के टेंडर, शराब ठेकेदारों से अवैध वसूली, निजी बिजली घरानों से कथित उगाही, स्मारकों के निर्माण में करोड़ों का घोटाला तथा सड़क , सिंचाई एवं अन्य निर्माण कार्यों में ठेकेदारों से उगाही.

इस पुस्तक के कवर पृष्ठ रंगीन हैं और उनमे कई कार्टून भी दिए गए हैं.

माया नगरी या अंधेर नगरी शीर्षक से एक कार्टून में एक आदमी मायावती को माला के बजाय ऐटीएम् मशीन भेंट करता दिखाया गया है.एक अन्य कार्टन में मायावती एक ग़रीब और दुबले पतले आदमी से कह रही हैं कि "यह तो मेरा पैसा है, तेरे हिस्से का तो मूर्तियों में लग गया.”

भाजपा प्रवक्ता विजय पाठक का कहना है कि यह आरोप पत्र अगले विधान सभा चुनाव में कार्यकर्ताओं के भाषण देने के काम आएगा और इससे यह माहौल बनेगा कि भाजपा मायावती से लड़ रही है.

जैसी कि उम्मीद थी बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या के नाम से एक जवाब जारी किया गया , जिसमे आरोपों को राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कहा गया कि मुद्दा विहीन भाजपा अब झूठ के पुलिंदों की राजनीति पर उतारू हो गई है.”

मौर्या ने कहा कि,“दलित विरोधी मानसिकता में जकड़े भाजपा नेताओं को देश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में दलित मुख्यमंत्री का नेतृत्व सहन नही हो पा रहा है.”

लेकिन मायावती शायद ये भूल गई है कि इन्हीं भाजपा नेताओं ने उन्हें तीन बार मुख्यमंत्री भी बनवाया था.तब वह उन्हें भाई बताकर राखी बांधती थीं.

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