अन्ना को इंटरनेट पर समर्थन

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अन्ना हज़ारे का आमरण अनशन लगातार चौथे दिन जारी है. फ़ेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर भी इस मुद्दे को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है.क्या आम नागरिक और और क्या नामी गिरामी हस्तियाँ सभी लोकपाल विधेयक पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं.

ट्विटर और फ़ेसबुक पर प्रतिक्रियाएँ

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सिद्धार्थ ट्विटर पर लिखते हैं- अन्ना हज़ारे के लिए वैसे ही समर्थन की ज़रूरत है जैसा जोश भारत-पाक क्रिकेट मैच में होता है. उनका लक्ष्य किसी भी विश्व कप से कहीं बड़ा है.

देवव्रत ट्विटर पर-अन्ना हज़ारे जैसे लोग सिस्टम के ख़िलाफ़ लोगों के अभियान को बल देंगे. जैसे गांधीजी ने ब्रिटेन के ख़िलाफ़ किया था.

लेखक चेतन भगत ने ट्विटर पर काफ़ी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्विट किया है- ऐसे बुद्धिजीवियों को देखकर मुझे बहुत कोफ़्त होती है जो किसी भी बदलाव को नीची नज़र से देखते हैं और हमारी मंशाओं पर शक करते हैं. ये लोग हमारे हौसले को गिरा नहीं सकते.

अन्ना हज़ारे के समर्थन में मुंबई को शाम चार बजे होने वाले आयोजन के सिलसिले में भी लोग ट्विट कर रहे हैं. फ़रहान अख़्तर ने ट्विट किया है कि लोग आज़ाद मैदान ज़रूर आएँ.

कई बड़ी मीडिया हस्तियों ने भी ट्विटर पर अपना मत रखा है. मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा है- भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इस अभियान को हम 24x7 के मीडिया आयोजन से आगे कैसे बढ़ा सकते हैं? क्या मैं और आप रिश्वत देना बंद करेंगे.

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वहीं ब्रिटेन से ललित मोहन जोशी फ़ेसबुक पर लिखते हैं कि अन्ना हज़ारे ने सरल शब्दों में स्पष्ट कर दिया है राजनीतिक नेता हमारे मालिक नहीं है. अगर वे हमारी बात नहीं सुनते तो लोग सबक सीखाएँगे. वक़्त आ गया है.

विभुराज चौधरी फ़ेसबुक पर -सरकार अन्ना को भूखे नहीं मरने देगी. पर मैं आपको इस बात की भी गारंटी देता हूं कि इस प्रस्तावित लोकपाल बिल से शीर्ष पदों का कोई करप्शन खत्म नहीं होने वाला है. स्विस बैंकों में जमा कोई धन वापस आने वाला नहीं है.

सुबर जंतर-मंतर पर गए अभिनेता अनुपम खेर ने वहाँ भाषण देने के बाद ट्विट किया है कि 13 अप्रैल को जेल भरो आंदोलन है, सब इसमें हिस्सा लें.

भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर कहा है कि सरकार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.

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