कश्मीर में धार्मिक नेता की हत्या

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भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में एक मस्जिद के बाहर हुए एक रहस्मय धमाके में जाने-माने धार्मिक नेता मौलवी शौकत शाह की मौत हो गई है.

ये धमाका शुक्रवार की नमाज़ से कुछ देर पहले हुआ. इस धमाके में एक स्कूली बच्ची और एक स्थानीय महिला घायल हो गईं लेकिन दोनों ख़तरे से बाहर हैं.

54 वर्षीय मौलवी शौकत शाह एक धार्मिक संगठन जमात-ए-अहली-हदीस का नेतृत्व कर रहे थे. वे शीर्ष अलगाववादी नेता यासीन मलिक के क़रीबी थे.

शौकत शाह पर पहले भी दो बार हमले हुए थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से दो गार्ड उनकी सुरक्षा में लगाए थे.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क़रीब साढे बारह बजे मौलवी शौकत शाह मदीना चौक पर स्थित मस्जिद में घुस रहे थे, तभी एक ज़बरदस्त धमाका हुआ.

एक स्थानीय निवासी यास्मीना ने बताया, "हमें तेज़ आवाज़ सुनाई दी. जब मैंने पीछे देखा तो एक लंबी दाढ़ी वाले व्यक्ति को ख़ून से लथपथ गिरे देखा. उसके बाद मैं घर भाग आई."

संदेह

प्रत्यक्षदर्शियों को संदेह है कि एक साइकिल के नीचे रिमोट कंट्रोल से संचालित बम लगाया गया था और ये साइकिल मस्जिद के पश्चिमी गेट के बाहर खड़ी थी.

मौलवी शौकत शाह के एक अनुयायी ने बताया कि हर शुक्रवार को मौलाना शाह इसी दरवाज़े से मस्जिद में प्रवेश करते थे. पुलिस का कहना है कि पिछले कई वर्षों में पहली बार ऐसा धमाका हुआ है.

मौलवी शौकत शाह का शव मस्जिद के बाहर रखा हुआ है और लोग जमा हो रहे हैं. इस हत्या के बाद कहीं माहौल बिगड़ न जाए, इसी आशंका से इलाक़े के दूकानदारों ने अपनी दूकानें बंद कर दी हैं और ट्रैफ़िक भी काफ़ी कम है.

इलाक़े में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. मौलवी शौकत शाह ने समाज सेवा के क्षेत्र में एक पहल करते हुए कई मुफ़्त जाँच केंद्रों की स्थापना की थी.

वे कश्मीर में एक ट्रांजिशनल मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनके प्रस्ताव को अभी हरी झंडी नहीं दी थी.

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