अन्ना से बीजेपी खुश, गांधीवादी ख़फ़ा

लालकृष्ण आडवाणी
Image caption अन्ना हज़ारे और योग गुरू बाबा रामदेव को ईमानदार बताते हुए उनकी तारीफ़ की है.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि नेताओं के प्रति आम तौर पर घृणा की भावना फैलाने वाले लोग जनतंत्र को भारी नुक़सान पहुँचा रहे हैं.

लोकपाल विधेयक पर अन्ना हज़ारे के आंदोलन से उठी बहस में हिस्सा लेते हुए आडवाणी ने अपने ब्लॉग में ये टिप्पणी की है.

गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नरेंद्र मोदी ने भी अन्ना हज़ारे का शुक्रिया अदा किया है क्योंकि अन्ना ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नरेंद्र मोदी के काम की तारीफ़ की थी.

नरेंद्र मोदी ने अपने ब्लॉग में हज़ारे के नाम एक खुली चिट्ठी में लिखा है, “गुजरात से दुश्मनी रखने वाला एक ख़ास समूह ... आपकी छवि को ख़राब करने की कोशिश करेगा क्योंकि आपने मेरी और गुजरात की तारीफ़ की है.”

अपील

इधर गुजरात के कुछ वरिष्ठ गाँधीवादियों ने अन्ना हज़ारे को चिट्ठी लिखकर नरेंद्र मोदी के बारे में अपने विचारों में संशोधन करने की अपील की है.

नृत्यांगना मलिका साराभाई सहित इन गाँधीवादियों ने इस दावे को झूठ बताया है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात में ग्रामीण विकास के लिए बहुत काम किया है.

हालाँकि एक सवाल के जवाब में अन्ना हज़ारे ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के सांप्रदायिक विद्वेष के समर्थन में नहीं है.

लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में हज़ारे के अनशन के दौरान उपजे व्यापक प्रश्नों पर टिप्पणी की है.

‘राजनेता भ्रष्ट नहीं’

दिल्ली के जंतर मंतर पर हज़ारे के अनशन के दौरान भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती और ओम प्रकाश चौटाला को लोगों ने घुसने नहीं दिया और नारेबाज़ी करके लौटने पर मजबूर कर दिया था.

आडवाणी ने इसी संदर्भ में राजनेताओं के ख़िलाफ़ माहौल बनाने वालों पर टिप्पणी की है.

उन्होंने अन्ना हज़ारे और योग गुरू बाबा रामदेव को ईमानदार बताते हुए उनकी तारीफ़ की है.

आडवाणी ने हज़ारे की तारीफ़ में कहा है, “जब अन्ना को पता लगा तो उन्होंने उमा भारती से सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगी. ये अन्ना की शालीनता और उनके विश्वास का संकेत है कि हर राजनेता भ्रष्ट नहीं होता.”

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