'ब्रिक्स देशों को आपसी तालमेल से फ़ायदा'

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Image caption मनमोहन ने ब्रिक्स देशों के बीच तालमेल पर ज़ोर दिया.

चीन में पांच देशों के समूह 'ब्रिक्स' के सम्मेलन में हिस्सा लेने जाने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि इस समूह को विकास से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में तालमेल से फ़ायदा होगा.

कज़ाकिस्तान और चीन के दौरे पर जाने से पहले मनमोहन सिंह ने एक बयान में कहा, "विकास, संतुलित विकास दर, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार और संतुलित व्यापार जैसे प्रमुख मुद्दों पर तालमेल ब्रिक्स देशों के हित में होगा."

मनमोहन सिंह 13 और 14 अप्रैल को पांच देशों के समूह ब्रिक्स के सम्मेलन में भाग लेने चीन के शहर सानया जा रहे हैं.

ब्रिक्स समूह में ब्राज़ील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल है.

'आर्थिक विकास दवाब में'

हाल ही में एक चीनी संस्थान की रिपोर्ट में बताया गया था कि वर्ष 2015 तक दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद में इन देशों की हिस्सेदारी एक तिहाई हो जाएगी.

दुनिया की मौजूद आर्थिक स्थिति पर मनमोहन सिंह ने कहा, "आर्थिक विकास के परंपरागत स्रोत अब भी दवाब में है. दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ताज़ा घटनाक्रमों ने नई अनिश्चितताओं को जन्म दिया है."

दक्षिण अफ़्रीका इस समूह में इसी साल शामिल हुआ है. नए सदस्य का स्वागत करते हुए मनमोहन सिंह ने अपने बयान में कहा कि इससे ब्रिक्स में एक अफ़्रीकी नज़रिए का आगमन होगा.

सम्मेलन के दौरान हू जिन ताओ से मुलाक़ात के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-चीन संबंधों ने अब एक वैश्विक महत्त्व का रुख़ अपना लिया है.

ब्रिक्स सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री कज़ाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे.

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