'गुमराह न करें लोगों को'

  • 14 अप्रैल 2011
अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट Reuters (audio)

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने कहा है कि कुछ राजनीतिक और आपराधिक तत्व भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मिले अपार जनसमर्थन से घबराकर आंदोलन को बदनाम और कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं.

लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर अनशन कर सरकार को झुकने पर मजबूर करने वाले अन्ना हज़ारे ने कहा कि ऐसे तत्व आंदोलन की आलोचना करके लोगों को गु़मराह करने की कोशिश कर रहे हैं.

राजनीतिक नेताओं पर दिए गए बयान पर हो रही आलोचनाओं पर अन्ना हज़ारे ने अहमदनगर ज़िले में स्थित अपने रालेसिद्धी गाँव में समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि उन्होंने कभी भी भारत के सभी राजनेताओं को भ्रष्ट नहीं कहा. हालांकि सभी स्तरों पर अपवाद बेहद कम हैं.

सफ़ाई

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर चुप्पी साधना भी भ्रष्टाचार का समर्थन करना है और जो भी राजनेता इस श्रेणी में आते हैं, उनके होने का कोई फायदा नहीं है.

मतदाताओं को कथित तौर पर भ्रष्ट कहने के कारण भी हजा़रे को कांग्रेस और एनसीपी की कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

इस पर अन्ना हज़ारे ने कहा कि भारत के मतदाताओं के चरित्र को बदनाम करने के लिए राजनीतिक पार्टी और राजनेता ज़िम्मेदार हैं. उनका कहना था कि राजनेता सत्ता हासिल करने और चुनाव के दौरान मतदाताओं में बांटने के लिए बड़ी तादाद में काले धन का इस्तेमाल करते हैं.

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज योग्य सदाचारी उम्मीदवार बिना काले धन के चुनाव में जीत हासिल कर सकते हैं?

नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की तारीफ़ कर आलोचनाओं का सामना कर रहे अन्ना हजारे ने फिर सफ़ाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ इनके विकास कार्यों की तारीफ़ की है और वो 1984 के दंगों समेत सभी सांप्रदायिक दंगों की निंदा करते हैं.

लोकपाल विधेयक के मसौदे को तैयार करने के लिए बनी समिति की 16 अप्रैल को होने वाली पहली बैठक में शामिल होने के लिए हजारे शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

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