'मुंबई हमलावरों को बख्शेंगे नहीं'

  • 14 अप्रैल 2011
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Image caption मुम्बई हमले का मुद्दा हाल ही में दोनों देशों की सचिवों की बैठक में भी उठा था

भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि मुंबई हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जल्द क़ानून के दायरें में लाया जाएगा और पाकिस्तान के साथ जारी बातचीत में आंतकवाद से जुड़ी भारत की चिंताओं को भी उठाया जाएगा.

विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा कि, "मुम्बई हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जल्द ही न्याय के घेरे में लाया जाएगा. यही विचार अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी रखता है ख़ासकर वो देश जिनके नागरिक इस भयावह हमलों में मारे गए थे."

एसएम कृष्णा का कहना था कि पाकिस्तान के साथ दोबारा बातचीत दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई है.

उनका कहना था कि,"पाकिस्तान के साथ होने वाली बातचीत में आंतकवाद से जुड़ी भारत की चिंताओं पर तो बातचीत की ही जाएगी साथ ही इसमें खा़सतौर पर मुंबई में हुए आतंकवादी हमले को भी उठाया जाएगा."

मुंबई में हुए आंतकवादी हमले का मुद्दा हाल ही में दोनों देशों की सचिवों की बैठक में भी उठा था.

एसएम कृष्णा का ये बयान पाकिस्तानी-अमरीकी आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा के अमरीकी अदालत में दिए गए बयान के बाद आया है.

मुंबई हमलों में अभियुक्त राणा ने अदालत में ये दावा किया था कि उन्होंने मुंबई हमले करवाने के लिए आतंकवादियों को सहायता दी थी.

राणा ने ये भी दावा किया था और उन्होंने ऐसा पाकिस्तान सरकार और आईएसआई के इशारे पर किया था और इस हमले में आतंकवादी संस्था लश्कर का कोई लेना-देना नहीं है.

राणा के इस क़बूलनामे से भारत की इन शंकाओं को और बल मिला है कि मुंबई हमलों में पाकिस्तान सरकार और आईएसआई की भूमिका थी.

नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों में 170 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे.

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