डीबी पर पवार ने दी सफ़ाई

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Image caption नीरा राडिया की फ़ोन पर हुई बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद सीबीआई उनसे पूछताछ कर रही है

केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया के उस कथित आरोप का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसी डीबी रियल्टी हो सकता है शरद पवार की कंपनी हो.

टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन से बातचीत करते हुए शरद पवार ने इस ख़बर को निराधार बताया है और कहा है कि डी बी रियल्टी में उनका कोई वित्तीय हित नहीं है.

कुछ समाचारपत्रों ने सीबीआई के सूत्रों के हवाले से कहा था कि नीरा राडिया ने शरद पवार को डीबी रियल्टी का मालिक बताया है.

डीबी रियल्टी का नाम 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में सामने आया है और उसके प्रबंध निदेशक शाहिद बलवा फ़िलहाल केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई की हिरासत में हैं.

डीबी रियल्टी स्वान टेलीकॉम नाम की एक कंपनी की मालिक है जिसने जाँच एजेंसी के मुताबिक़ लाइसेंस की कई शर्तों के ख़िलाफ़ 2जी टेलीफोनी का लाइसेंस हासिल किया था.

'सबूत नहीं'

लाईसेंस की शर्तों में एक शर्त ये भी है कि इस क्षेत्र में पहले से काम कर रही कोई कंपनी नए लाईसेंस के लिए आवेदन दे रहे फर्म में दस प्रतिशत से ज़्यादा शेयर की हिस्सेदार नहीं होगी.

आरोप लगाया गया है कि डीबी रियल्टी ने इस शर्त का भी उलंघन किया था.

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक़ नीरा राडिया ने सीबीआई से पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वो जो इलज़ाम शरद पवार पर लगा रही हैं उसे साबित करने के लिए उनके पास कोई दस्तावेज़ी सबूत नहीं है.

लेकिन उनका कहना था कि मुंबई में भी आम धारणा यही है कि डीबी रियल्टी पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर शरद पवार और उनके परिवार का नियंत्रण है.

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