समिति की अगली बैठक दो मई को

  • 16 अप्रैल 2011
अन्ना हज़ारे औऱ स्वामी अग्निवेश इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति की मांग को लेकर अन्ना हज़ारे दिल्ली में आमरण अनशन पर बैठे थे.

लोकपाल बिल संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति की पहली बैठक के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि समिति का मक़सद मानसून सत्र में बिल पेश करना है.

सिब्बल ने कहा कि समिति की बैठकों का ऑडियो रिकॉर्ड रखा जाएगा. नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की थी.

इस बैठक में सरकार की ओर से समिति के अध्यक्ष वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, गृहमंत्री पी चिदम्बरम, मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल, क़ानून मंत्री वीरप्पा मोइली और जल संसाधन मंत्री सलमान ख़ुर्शीद हिस्सा लिया.

समिति के सह-अध्यक्ष जाने-माने वकील और पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण हैं.

नागरिक समाज की ओर से शांति भूषण के अलावा उनके पुत्र प्रशांत भूषण, अरविंद केजरीवाल, संतोष हेगड़े और अन्ना हज़ारे इस समिति के सदस्य हैं.

नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने साफ़ कर दिया है कि वे लोकपाल बिल के दायरे में प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और सभी नौकरशाहों को लाना चाहते हैं.

अन्ना हज़ारे ने हाल में कहा था कि उच्च न्यायापालिका को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए.

'मुख्य न्यायाधीश भी दायरे में हो'

इसपर अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा, "हज़ारे ने पहले कहा था कि मुख्य न्यायाधीश को लोकपाल के दायरे में शामिल नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन आज हुई बैठक में हमने फ़ैसला किया कि जब प्रधानमंत्री को लोकपाल बिल में शामिल किया गया है तो भारत के मुख्य न्यायाधीश को क्यों नहीं. न्यायापालिका को बाहर रखने का सवाल ही नहीं."

केजरीवाल ने कहा वे सिर्फ़ जजों के आपराधिक दुर्व्यवहार को ही लोकपाल बिल में शामिल करना चाहते हैं

नागरिक समाज ने जो जन लोकपाल बिल ड्राफ़्ट किया है उसमें ये प्रावधान रखे गए हैं. वे चाहते हैं कि लोकपाल बिल के उनके मसौदे को 'वर्किंग ड्राफ़्ट' मान लिया जाए.

उन्होंने कल फिर दोहराया कि वे पारदर्शिता के लिए समिति की बैठकों की वीडियोग्राफ़ी चाहते हैं.

बैठक की रिकॉर्डिंग

शुक्रवार को प्रशांत भूषण ने कहा,"हमें तो सीधे प्रसारण से भी गुरेज़ नहीं लेकिन शायद ये संभव नहीं. अगर वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं तो कम से कम ऑडियो रिकॉर्डिंग तो की ही जानी चाहिए ताकि इसे आम लोगों को उपलब्ध करवाया जा सके."

उधर संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति में सरकारी नुमाइंदे सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर खुले विचार रखती है.

ख़ुर्शीद ने शुक्रवार को दिल्ली में कहा, "हम खुले विचारों के साथ बैठक में जाएंगे. सरकार, नागरिक समाज और आमलोग सभी का एक ही लक्ष्य है - बिल में पारदर्शिता हो और जब हम इसे संसद में ले जाएं तो बिल पास हो सके."

संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति को 30 जून तक लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करना है ताकि संसद के मानसून सत्र में इसे पेश किया जा सके.

सीडी विवाद

इस बीच एक ऑडियो सीडी सामने आई है जिसमें कथित रूप से शांति भूषण, मुलायम सिंह और अमर सिंह को बात करते हुए पेश किया गया है.

प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल ने इस सीडी को भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान को बदनाम करने का अभियान बताया है.

प्रशांत भूषण ने कहा कि सीडी से छेड़छाड़ की गई है. शांति भूषण ने इस सीडी को लेकर दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज की है.

उधर अमर सिंह ने कहा है कि ये कोई नई टेप नहीं हैं और ना ही ये कोई नया मामला.

अमर सिंह ने कहा, "मेरी नज़र में ये नकली सीडी है. मैं शांति भूषण का सम्मान करता हूं. मैं उन्हें दोष नहीं देता. मैं क़ानून के साथ नहीं खेलना चाहता. "

अमर सिंह से ये भी कहा कि जब वो कहते थे कि ये सीडी नकली है तो प्रशांत भूषण इस बात को ख़ारिज कर देते थे लेकिन अब जब प्रशांत भूषण पर बात आई है तो वे सीडी को नकली बता रहे हैं.

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