'ठोस,कारगर और स्वतंत्र लोकपाल देश की ज़रुरत'

  • 16 अप्रैल 2011
कपिल सिब्बल
Image caption सरकार का कहना है कि वो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में सारा देश एक साथ है.

लोकपाल बिल संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति की पहली बैठक के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि एक ठोस, कारगर और स्वतंत्र लोकपाल देश की ज़रूरत है.प्रशांत भूषण संयुक्त ड्राफ़्टिंग समिति में नागरिक समाज के पांच प्रतिनिधियों में से एक हैं.

प्रशांत भूषण ने कहा कि बैठक बहुत ही अच्छे माहौल में हुई सभी ने लोकपाल की ज़रूरत को स्वीकार किया. प्रशांत भूषण का कहना था,'' बैठक के दौरान ये माना गया कि एक ठोस, कारगर और स्वतंत्र लोकपाल आज इस देश की ज़रूरत है और उसका बिल बनाना बहुत ज़रूरी है.''

प्रशांत भूषण ने कहा कि ये भी तय किया गया है कि इस बिल के मसौदो के लिए ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से सम्पर्क स्थापित करने की कोशिश की जाएगी.

उन्होंने कहा कि दो मई को होने वाली अगली बैठक में बिल के मूलभूत सिद्घांतो पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी और हर सप्ताह संयुक्त समिति की बैठक होगी.

ऑडियो रिकॉर्डिंग

प्रशांत भूषण ने कहा कि नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की मांग थी कि पूरी बैठक की विडियो रिकॉर्डिंग की जाए और इसे सार्वजनिक किया जाए.

लेकिन बैठक के दौरान फ़ैसला किया गया कि सारी बैठकों की ऑडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और मुख्य निर्णयों को सार्वजनिक किया जाएगा.

सरकार की तरफ़ से मनोनीत पांच सदस्यों में से एक, मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने बैठक के बाद कहा कि मॉनसून सत्र में बिल को पेश कर दिया जाएगा.

सिब्बल ने कहा,'' आज एक बहुत ऐतिहासिक क़दम उठाया गया है और हमारी कामना है कि जल्द से जल्द बैठक करके एक अच्छा बिल ड्राफ़्ट करेंगे और मॉनसून सत्र में बिल को संसद में पेश करेंगे.''

बैठक के बारे में और जानकारी देते हुए सिब्बल ने कहा कि समिति के सह-अध्यक्ष शांति भूषण ने समिति के सामने जन लोकपाल बिल के मुख्य बिंदुओं को रखा. उनके मुताबिक़ इन पर कोई फ़ैसला नहीं किया जा सका और सरकार अगली बैठक में इस पर अपना पक्ष रखेगी.

इससे पहले शनिवार की सुबह गृहमंत्रालय में संयुक्त समिति की बैठक हुई. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने इसकी अघ्यक्षता की.बैठक लगभग डेढ़ घंटे तक चली जिसमें सभी दस सदस्य मौजूद थे.

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