इतिहास के पन्नों से...

Image caption महान श्रीलंकाई गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधरन का जन्म 1972 में इसी दिन कैंडी शहर में हुआ.

17 अप्रैल 1986 का दिन नीदरलैंड और सिसली के नागरिकों के लिए शांति का पैगाम लेकर आया.

नीदरलैंड और सिसली के बीच शांति संधि न होने के कारण 335 वर्ष तक युद्ध की स्थिति बनी रही. 1651 में शुरु हुई युद्ध की इस स्थिति के दौरान न हिंसा की कोई घटना हुई और न ही एक भी गोली चली.

यही वजह है इस युद्ध को विश्व इतिहास का सबसे लंबा और सबसे शांतिमय युद्ध माना जाता है. 1986 में दोनों देशों ने युद्ध की स्थिति को खत्म करने की घोषणा करते हुए शांति बहाल की.

17 अप्रैल, 1972: मुथैया मुरलीधरन का जन्म

श्रीलंका के महानतम खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन का जन्म भी इसी दिन हुआ है. श्रीलंका के कैंडी शहर में 17 अप्रैल, 1972 को जन्मे मुरलीधरन अलग तरह की गेंदबाज़ी के लिए मशहूर हुए.

मुरलीधरन को स्पिन गेंदबाज़ी का एक नया व्याकरण रचने वाले गेंदबाज़ के रुप में याद किया जाता है और उन्हें अपनी इस शैली को साबित करने के लिए बार-बार परीक्षा देनी पड़ी.

टेस्ट और वनडे दोनों में ही सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट से तो पहले ही संन्यास ले लिया था. 1011 में हुए विश्वकप के बाद उन्होंने वन डे क्रिकेट को भी अलविदा कहने की घोषणा कर दी.

17 अप्रैल 1999: ब्रिटेन में हुए धमाकों में दर्जनों घायल

17 अप्रैल 1999 को दक्षिणी ब्रिटेन के एक व्यस्त बाज़ार ब्रिक्सटन में हुए धमाके में कम से कम 45 लोग घायल हो गए.

इस धमाके में घायल हुए लोगों एक साल का एक बच्चा भी शामिल था. विस्फोट के कारण इस बच्चे के मस्तिष्क में एक कील गड़ गई थी.

इस धमाके के एक हफ़्ते बाद लंदन के पूर्वी छोर पर एशियाई आबादी वाले इलाके में एक और धमाका हुआ था.

संबंधित समाचार