छेड़छाड़ करके बनी है सीडी: प्रशांत भूषण

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Image caption प्रशांत भूषण और उनके पिता शांति भूषण ने भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर किए हैं

समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव, पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह और पूर्व क़ानून मंत्री शांतिभूषण के बीच हुई कथित बातचीत की सीडी का विवाद रविवार को और गहरा गया है.

दिल्ली से प्रकाशित एक अख़बार ने जहाँ बिना नाम दिए एक फ़ोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सीडी में रिकॉर्ड की हुई बातचीत सही है और उसके साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है.

वहीं शांति भूषण के पुत्र और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने एक अमरीकी फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ और हैदराबाद के एक फ़ोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सीडी के साथ छेड़छाड़ की गई है और बातचीत के हिस्से अलग-अलग जगह से लेकर जोड़ दिए गए हैं.

उन्होंने कहा है कि कुछ बेहद प्रभावशाली राजनीतिक लोग उन्हें और शांति भूषण को बदनाम करने की साज़िश कर रहे हैं और इस तरह से वे नागरिक समाज को बदनाम करना चाहते हैं.

उनका कहना है कि इस बातचीत से दो मामलों पर सीधा असर पड़ सकता है. एक 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले के मामले में और दूसरा अमर सिंह के फ़ोन टैपिंग के मामले में.

प्रशांत भूषण ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वे इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में जाएँगे और अदालत की अवमानना का मुक़दमा दर्ज करेंगे.

छेड़छाड़

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्होंने दो अलग-अलग जगहों से सीडी की जाँच करवाई है और दोनों ही जगहों से मिली रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके साथ छेड़छाड़ की गई है.

उन्होंने कहा,"हैदराबाद की रिपोर्ट कहती है कि सीडी में बातचीत के हिस्से अलग-अलग जगह से उठाकर उन्हें जोड़ दिया गया है."

इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अमर सिंह और मुलायम सिंह की बातचीत का हिस्सा एक बातचीत का हिस्सा है जो फ़रवरी, 2006 में टैप की गई थी और जिसकी सीडी उन्होंने मार्च, 2006 में सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दी थी.

अमरीकी फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ के हवाले से उन्होंने कहा कि शांति भूषण की जो बातचीत सीडी में है उसमें कम से कम छह जगह छेड़छाड़ की गई है.

प्रशांत भूषण का कहना है कि सीडी में जिस जज के बारे में बात की जा रही है वे कम से कम दो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं और उन्होंने फ़ैसला सुरक्षित रखा है, इनमें से एक 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले का मामला है और दूसरा अमर सिंह के फ़ोन टैपिंग का मामला है.

उनका कहना है, "2जी स्पैक्ट्रम मामले में मैंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर रखी है कि सारे लाइसेंस रद्द कर देने चाहिए जबकि अमर सिंह फ़ोन टैपिंग के मामले में मैंने निवेदन किया है कि सीडी को मीडिया को जारी कर देना चाहिए क्योंकि इससे बड़ी कंपनियों और कई षडयंत्रों का पर्दाफ़ाश हो सकता है."

एक पत्रवार्ता में उन्होंने कहा, "इस तरह की छेड़छाड़ करके सीडी बनाना और उसे जारी करना धारा 469 के तहत संज्ञेय अपराध है और यह अदालत की अवमानना का मामला भी है."

प्रशांत भूषण ने जहाँ कुछ बड़े और प्रभावशाली राजनीतिज्ञों पर षडयंत्र करने का आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि मीडिया का एक हिस्सा जिस तरह से रिपोर्ट कर रहा है उससे लगता है कि वह भी इस षडयंत्र में शामिल है.

उल्लेखनीय है कि इस सीडी में जो बातचीत है उसमें शांति भूषण कथित रुप से मुलायम सिंह को ये सलाह दे रहे हैं कि वे प्रशांत भूषण से संपर्क कर लें क्योंकि वे उस जज को जानते हैं जो मामले की सुनवाई कर रहे हैं और वे (प्रशांत) चार करोड़ रुपयों में मामला ठीक करवा देंगे.

इससे पहले प्रशांत भूषण ने सीडी सुनने के बाद ये तो कहा था कि उसमें दर्ज़ आवाज़ें तो असली जान पड़ती है लेकिन ऐसी कोई बातचीत इन तीनों व्यक्तियों के बारे में कभी नहीं हुई.

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