अरुणिमा को दिल्ली लाया गया

अरुणिमा सिंहा
Image caption केंद्र ओर उत्तरप्रदेश की राजनीति के बीच घायल अरूणिमा सिंहा को ईलाज के लिए दिल्ली के ऐम्स अस्पताल लाया गया.

खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा को लखनऊ मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती करा दिया गया है.

सोमवार को हुए एक नाटकीय घटनाक्रम में राज्य सरकार ने अचानक यह निर्णय लिया.

अरुणिमा सिन्हा पिछले हफ़्ते एक नौकरी के लिए परीक्षा देने दिल्ली जा रहीं थीं लेकिन वो बरेली के पास चलती रेलगाड़ी में लुटेरों का शिकार हो गई थीं.

अरुणिमा के मुताबिक़ लुटेरों ने उसे धक्का देकर ट्रेन से नीचे फेंक दिया था और बग़ल की पटरी पर आ रही एक रेलगाड़ी से टकराने के कारण उसका बायां पैर घुटने के नीचे से कट गया था.

बरेली के एक अस्पताल में प्रारंभिक इलाज होने के बाद अरुणिमा को लखनऊ मेडिकल कालेज ले आया गया था . लेकिन ख़ून की कमी और इन्फेक्शन के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी.

मीडिया में मामला ज़ोर शोर से उछलने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अरुणिमा के मामले में रिपोर्ट तलब की , जिससे केंद्र सरकार का खेल और रेल मंत्रालय सक्रिय हुआ. केंद्र ने आर्थिक मदद की घोषणा की और रेल मंत्रालय ने नौकरी. इसके बाद राज्य सरकार भी हरकत में आई.

'राजनीति'

सोमवार को दिल्ली से ख़बर आई कि केन्द्रीय खेल मंत्री अजय माकन अरुणिमा से मिलने आने वाले हैं.

यह ख़बर मिलते ही राज्य सरकार के खेल मंत्री अयोध्या पाल और परिवहन मंत्री राम अचल राजभर मेडिकल कॉलेज पहुंचे.

दोनों मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार ने अरुणिमा को आर्थिक सहायता दी है और नौकरी भी देगी.

इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी भी पहुंची.

अजय माकन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि अरुणिमा की हालत स्थिर है और वह ख़तरे से बाहर हैं.

अरुणिमा के परिवार वाले भी उसे दिल्ली ले जाने की बात कर रहे थे.

माकन ने कहा कि अगर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कहेंगे कि अरुणिमा को दिल्ली ले जाने की ज़रुरत है तो केंद्र सरकार एयर एम्बुलेंस उपलब्ध कराएगी.

माकन की प्रेस वार्ता टेलीविज़न समाचार चैनल पर दिखाई जा रही थी.

माकन के जाने के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को राज्य सरकार से आदेश आया कि अरुणिमा को तत्काल दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया जाए.

फिर आनन फ़ानन में अरुणिमा को राज्य सरकार के विमान से दिल्ली ले जाया गया.

पत्रकारों का कहना है कि राज्य सरकार ने इस मामले को पहले उतनी गंभीरता से नहीं लिया था लेकिन देश भर में अरुणिमा के प्रति सहानुभूति और केंद्र सरकार की सक्रियता के चलते राज्य सरकार हलचल में आई.

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