पहले चरण के चुनाव में छिटपुट हिंसा

फाइल फोटो
Image caption पंचायत चुनाव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं.

बिहार में पंचायती निकायों के चुनाव संबंधी मतदान का पहला दौर बुधवार शाम संपन्न हो गया.

चुनावी हिंसा की तीन अलग-अलग घटनाओं में एक मुखिया-प्रत्याशी और एक पुलिसकर्मी समेत चार व्यक्ति मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. ये हिंसक घटनाएँ सीतामढ़ी और जमूई ज़िलों में हुई हैं.

राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय से प्राप्त सूचनानुसार कुछ छिटपुट हिंसक झड़पों को छोड़, आम तौर पर मतदान शांतिपूर्ण रहा और कुल मिलाकर लगभग 55 फ़ीसद वोट पड़े.

उधर राज्य के पुलिस प्रवक्ता राजवर्धन शर्मा ने बताया कि मतदान में बाधा डालने और तोड़फोड़ या हिंसक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले लगभग 500 लोगों को हिरासत में लिया गया. उन्होंने ये भी कहा कि सौ से अधिक निजी वाहन और बहुत-से हथियार ज़ब्त किए गए हैं.

माओवादी हमला

जमूई ज़िले के चन्द्रमण्डी थाना क्षेत्र में बूथ संख्या 118 पर मतदान ख़त्म होने से थोड़ी देर पहले हथियारबंद माओवादी दस्ते ने हमला कर दिया.

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक़ इस हमले में राजेन्द्र झा नाम के सहायक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की मौत हो गई.

अपुष्ट ख़बर ये भी है कि माओवादियों के ज़रिए की गई फ़ायरिंग में वहाँ एक ग्रामीण महिला घायल हो गई. पुलिस की एक जीप में आग भी लगा दी गई.वहाँ माओवादियों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था और चुनाव में हिस्सा लेने वालों पर हमले की धमकी भी दे रखी थी.

इसी ज़िले में एक पूर्व मुखिया के घर हुए बम धमाके में दो व्यक्तियों के मरने की भी ख़बर है और इस बाबत पुलिस का कहना है कि मौत बम बनाते समय हुई या किसी ने बम से हमला किया, इसकी छानबीन की जा रही है.

उधर बम धमाके में सीतामढ़ी ज़िले के एक घायल मुखिया-उम्मीदवार की मौत इलाज के दौरान मुज़फ्फरपुर अस्पताल में हो गई.

इन घटनाओं के अलावा मतदान के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसक झड़पें हुईं और पुलिस ने मतदान में गड़बड़ी या धाधली के आरोप में तीन महिला प्रत्याशियों के साथ-साथ तीन मतदानकर्मियों को भी हिरासत में ले लिया.

मतदान के इस पहले दौर में राज्य के 57 प्रखंडों की 918 पंचायतों में वोट डाले गए. दूसरे दौर का मतदान 24 अप्रैल को होगा.

संबंधित समाचार