'संयंत्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं'

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परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि वो एक परमाणु नियामक प्राधिकरण का गठन करेगी, जो एक स्वायत्त संस्था होगी.

सरकार का कहना है कि जल्द ही इस संबंध में एक विधेयक लाया जाएगा.

जैतापुर में परमाणु संयंत्र पर सुरक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है.

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने आश्वासन दिया कि जैतापुर के सभी परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा का पूरा ख़्याल रखा जाएगा.

क़दम

दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार ने जापान के फ़ुकुशिमा संयंत्र में हुए हादसे को ध्यान में रखा है और उसे देखते हुए सभी क़दम उठाए जा रहे हैं.

जैतापुर में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र को लेकर पिछले दिनों काफ़ी प्रदर्शन हुए थे और पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, "सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. जैतापुर में पहले दो संयंत्र वर्ष 2019 तक काम करने लायक़ हो जाएँगे."

उन्होंने स्पष्ट किया कि जैतापुर परमाणु संयंत्र में सभी मानक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा.

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