मेरठ मामले में पुलिस पर कार्रवाई

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Image caption मेरठ में पहले भी छोटे झगड़े सांप्रदायिक दंगों का रुप लेते रहे हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को मेरठ में हुए सांप्रदायिक दंगे के सिलसिले में पुलिस महानिरीक्षक जेएन सिंह को निलंबित कर दिया है.

इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट सुभाष चंद्र शर्मा का तबादला कर दिया गया है.

एक विज्ञप्ति के अनुसार मेरठ के जिला मजिस्ट्रेट सुभाष चंद्र शर्मा को इसी पद पर बरेली और बरेली के जिला मजिस्ट्रेट अनिल गर्ग को मेरठ भेजा गया है.

कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने पत्रकारों को बताया कि ये अधिकारी घटनास्थल पर देर से पहुंचे थे, इसलिए यह कार्यवाही की गई.

हालांकि कैबिनेट सचिव का कहना था कि यह एक छोटा सा उपद्रव था जिसने साम्प्रदायिक रूप ले लिया.

इतने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ फौरी कार्यवाही से अफसरों को झटका लगा है.

इस बीच मेरठ से खबर है कि दंगे के सिलसिले में तीन व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं.

दो संप्रदायों के बीच यह झगड़ा शहर के बाहरी छोर पर काजीपुर गाँव में एक गिलास ठंडे पानी को लेकर हुआ था.

आरोप है कि पानी न देने पर कुछ लोगों ने एक मस्जिद के इमाम से झगडा किया. इमाम रपट लिखाने खरोद थाने गए तो उनकी सुनवाई नही हुई.

इस पर इमाम और उनके साथियों ने भी हंगामा किया और झगडा बढ़ गया.

उपद्रवियों ने कई और जगह मारपीट तथा आगजनी की.

अधिकारियों के अनुसार मेरठ में अब शान्ति है. अर्ध सैनिक बल गश्त कर रहे हैं.