पीएसी की बैठक में बवाल, 'रिपोर्ट ख़ारिज'

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Image caption मुरली मनोहर जोशी पीएसी के अध्यक्ष हैं

2-जी स्पैक्ट्रम मामले की जाँच कर रही लोक लेखा समिति (पीएसी) में रिपोर्ट को लेकर गहरे मतभेद उभर आए हैं. 21 सदस्यीय इस समिति के 11 सदस्यों ने इस रिपोर्ट को ख़ारिज कर दिया.

21 सदस्यीय समिति के प्रमुख भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी हैं. इस समिति में कांग्रेस के सात, भाजपा के चार, द्रमुक और अन्ना द्रमुक के दो-दो, जबकि शिवसेना, बीजू जनता दल, जनता दल (यू), समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के एक-एक सदस्य हैं.

कांग्रेस और द्रमुक के अलावा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने इस रिपोर्ट का विरोध किया. बढ़ते विवाद के बीच अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी बीच में ही बैठक छोड़कर वापस चले गए.

इस बैठक से पहले ही सदस्यों के बीच कथित रूप से लीक रिपोर्ट पर मतभेद उभर कर आ गए थे.

इस समिति के सदस्य और कांग्रेस नेता केएस राव ने पहले ही रिपोर्ट लीक होने के लिए मुरली मनोहर जोशी को ज़िम्मेदार ठहराया था और उनके त्यागपत्र की भी मांग कर दी थी.

आलोचना

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इस लीक रिपोर्ट में 2-जी स्पैक्ट्रम घोटाले के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और ख़ुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी कई सवाल उठाए गए हैं.

ये भी कहा जा रहा है कि इस रिपोर्ट में वित्त मंत्री के रूप में पी चिदंबरम के कार्यकाल की भी आलोचना की गई है.

इसी लीक रिपोर्ट को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के कई सदस्य बैठक से पहले ही मुरली मनोहर जोशी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल चुके थे.

मौजूदा समिति का कार्यकाल शनिवार को ख़त्म हो रहा है और माना जा रहा था कि मुरली मनोहर जोशी अपनी रिपोर्ट को पास कराने की भरपूर कोशिश करेंगे.

2-जी स्पैक्ट्रम मामले में ही पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की गिरफ़्तारी हुई है और वे जेल में है.

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