माया पर बरसे मनमोहन और राहुल

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बांदा में एक जन सभा में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार में ग़रीबों, दलितों, पिछड़ों और किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है और केंद्र से मिलने वाला धन भी ठीक से नहीं ख़र्च हो रहा है.

माया सरकार पर हमले की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा,"लगातार कई साल से सूखे के कारण बुंदेलखंड रो रहा है, खेत खाली पड़े हैं, महिलाओं को चार-पाँच किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, नौजवान गाँव छोड़कर शहर पलायन कर गए हैं और कर्ज़ से लदे किसान आत्महत्या कर कर रहे हैं."

उन्होंने कहा कि अपने दौरों में उन्होंने पाया कि नरेगा का काम ठीक से नहीं चल रहा, बहुत लोगों के जॉब कार्ड नहीं बने और जो कुछ थोड़ा रोज़गार मिलता है तो उसका पैसा नहीं मिलता.

उन्होंने कहा कि उन्होंने ये बातें प्रधानमंत्री को बताईं तो उन्हें समस्या समझ में आ गई.

माया सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा,"आपकी आवाज़ दिल्ली में सुनी जा रही है, लखनऊ में नहीं."

उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा,"प्रधानमंत्री से विनती है कि अगर यूपी सरकार कुछ नही कर रही है तो दिल्ली की यूपीए सरकार को करना चाहिए."

प्रधानमंत्री

राहुल गांधी के बाद प्रधानमंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने भी बुंदेलखंड में सिंचाई और पीने के पानी की कमी तथा पुराने परंपरागत उद्योगों के बंद होने का ज़िक्र किया.

प्रधानमन्त्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों बुन्देलखंड क्षेत्र में पानी,खेती, पशुपालन और डेयरी कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, पेड़ लगाए जाएँगे और बीस-बीस हज़ार कुएँ तथा तीस-तीस हजार नये तालाब खोदे जाएँगे.

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि दोनों राज्यों के बुन्देलखंड क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने दो साल पहले 7300 करोड़ रुपयों का पैकेज घोषित किया था.

माया सरकार को आड़े हाथों लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,"उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के उपयोग में उतनी तेज़ी नहीं दिखाई, जितनी कि हमें उम्मीद थी. हम आशा करते हैं कि भविष्य में इस हालत में सुधार होगा."

प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए दो सौ करोड़ रुपए की सहायता देने का वादा किया.

जवाब

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बुंदेलखंड क्षेत्र के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार और अन्य विपक्षी दलों की सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

मायावती सरकार में मंत्रिमंडलीय सचिव शशांक शेखर सिंह ने इस बारे में पत्रकारों को स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि एवं अन्य विपक्षी दलों की सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि इन सरकारों के सौतेले एवं उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण ही बुंदेलखंड का विकास नहीं हो सका.

उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव के एक साल से भी कम समय रहने पर केंद्र सरकार द्रारा बुंदेलखंड के लिए की गई घोषणाएँ केवल राजनीतिक नाटक हैं.

उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से अपने शासनकाल के दौरान बुंदेलखंड के विकास के लिए उठाए गए क़दमों का ब्यौरा देने की चुनौती दी.

उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने चार साल के भीत सीमित संसाधनों के सहारे बुंदेलखंड की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं.

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