दोरजी खांडू की तलाश जारी

  • 1 मई 2011
दोरजी खांडू इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ख़राब मौसम की वजह से एक दिन पहले भी दोरजी खांडू को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की सलामती को लेकर असमंजस बरक़रार है. हेलीकॉप्टर के ज़रिए उनकी तलाश का जो काम शनिवार को अंधेरे की वजह से रोक दिया गया है वह रविवार सुबह फिर शुरु कर दिया गया है.

हालांकि अभी तक हेलीकॉप्टर या उसमें सवार लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. खराब मौसम की वजह से तलाश अभियान में दिक्कतें भी आ रही हैं.

इस बीच भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने भूटान के प्रधानमंत्री ज़िगमे थिनले से बात की और तलाश अभियान में मदद की बात कही.

कृष्णा ने कहा कि भारत-भूटान सीमा पर इस हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए भूटान भारतीय सैन्य दलों की मदद करे.

यह हेलिकॉप्टर शनिवार सुबह क़रीब दस बजे तवांग से रवाना हुआ था और उसे डेढ़ घंटे में ईटानगर पहुँचना था. लेकिन उडा़न भरने के बीस मिनट बाद ही कंट्रोल रुम से उसका संपर्क टूट गया था.

चार बजे अरुणाचल के राज्यपाल जेजे सिंह और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने कहा था कि दोरजी खांडू के हेलीकॉप्टर का पता चल गया है और वे अपने सभी सहयात्रियों के साथ सुरक्षित हैं.

लेकिन शाम साढ़े पाँच बजे एक बार फिर अधिकारियों ने कहा है कि दोरजी खांडू से अब तक उनका संपर्क नहीं हो सका है और अधिकारिक रुप से यह ख़बर भी नहीं मिली है कि उनका हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतार लिया गया है.

बताया गया है कि इस हेलीकॉप्टर में मुख्यमंत्री के अलावा दो अन्य यात्री और चालक दल के दो सदस्य हैं.

अलग-अलग बयान

मुख्यमंत्री खांडू पवन हंस यूरोकॉप्टर बी-3 में सुबह क़रीब 10 बजे अपने गृहनगर तवांग से ईटानगर के लिए निकले थे. क़रीब दो सौ किलोमीटर की दूरी तय करके उन्हें साढ़े 11 बजे वहाँ पहुँच जाना था.

अधिकारियों का कहना है कि उड़ान भरने के 20 मिनट बाद जब हेलीकॉप्टर सेला पास के क़रीब था तब कंट्रोल रूम से उनका संपर्क टूट गया.

इसके बाद से ये आशंका हो गई थी कि कहीं हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त न हो गया हो.

कई घंटों तक लापता रहने की ख़बरों के बाद शाम चार बजे अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल जेजे सिंह ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का हेलीकॉप्टर मिल गया है और कहा गया है कि वे अपने सहयात्रियों के साथ सुरक्षित हैं.

मुख्यमंत्री के कार्यालय ने कहा था ख़राब मौसम की वजह से उनके हेलीकॉप्टर को आपातकालीन भूटान की सीमा में दापोरजी में उतारना पड़ा.

बताया गया था कि उन्हें लाने के लिए वायुसेना ने अपना हेलीकॉप्टर वहाँ भेजा है.

लेकिन शाम साढ़े पाँच बजे अचानक ख़बरें फिर बदल गईं.

भूटान सरकार की ओर से कहा गया है कि शनिवार को उनकी सीमा में आपातकालीन स्थिति में कोई हेलीकॉप्टर नहीं उतरा है.

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव किरण रिजीजू ने कहा है कि अब तक मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के बारे में कोई अधिकारिक सूचना नहीं मिली है.

राज्य के गृहमंत्री ने भी इसी तरह का बयान दिया है.

उधर कोलकाता में सेना के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें अब तक भूटान से मुख्यमंत्री को लाने के लिए हेलीकॉप्टर भेजने का कोई अनुरोध अब तक नहीं मिला है.

इसके बाद फिर असमंजस पैदा हो गया है कि दोरजी खांडू सुरक्षित हैं या नहीं.

इससे पहले गत 19 अप्रैल को पवन हंस हेलीकॉप्टर तवांग के पहाड़ों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें 17 लोंगों की मौत हो गई थी.

संबंधित समाचार