जोशी ने पीएसी रिपोर्ट सौंपी, कहा अब संसद में पेश हो

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Image caption मुरली मनोहर जोशी लोक लेखा समिति के अध्यक्ष हैं

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने 2-जी मामले की जाँच के लिए बनी लोक लेखा समिति की रिपोर्ट लोक सभा स्पीकर के कार्यालय को सौंप दी है. स्पीकर से उनकी मुलाक़ात नहीं है. वे इस समिति के अध्यक्ष हैं.

रिपोर्ट पर हुए विवाद पर उन्होंने दिल्ली में पत्रकार वार्ता में कहा, "मामले का राजनीतिकरण न करें. रिपोर्ट का विरोध करने का सबको अधिकार है लेकिन दलगत आधारों पर पीएसी का कामकाज नहीं चल सकता. भ्रष्टाचार का समर्थन करने वाली सरकार ज़्यादा दिन नहीं टिकेगी. हमारी अपेक्षा है कि ये रिपोर्ट संसद में पेश हो."

इस रिपोर्ट को लेकर हाल के दिनों में पीएस की बैठक में जमकर हंगामा हुआ है. दरअसल मीडिया में इस रिपोर्ट के मसौदे के लीक होने की ख़बर पर विवाद खड़ा हो गया था.

लीक रिपोर्ट में 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और ख़ुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी कई सवाल उठाए गए हैं.

ये भी कहा जा रहा है कि इस रिपोर्ट में वित्त मंत्री के रूप में पी चिदंबरम के कार्यकाल की भी आलोचना की गई है. लोक लेखा समिति का कार्यकाल शनिवार को ख़त्म हो रहा है.

विवाद

लोक लेखा समिति में 22 सदस्य हैं जिनमें से सात कांग्रेस से हैं, चार भाजपा, डीएमके और एआईएडीएमके के दो-दो, और शिवसेना, बीजू जनता दल, जनता दल यूनाइटेड, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी और सीपीआईएम के एक-एक सदस्य हैं. एक सीट खाली है.

2जी मामले को लेकर समिति के सदस्यों में तीखे मतभेद रहे हैं.

पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को 2-जी स्पेक्ट्रम मामले में गिरफ़्तार किया गया है और समय वे जेल में है.

आम तौर पर लोक लेखा समिति की रिपोर्टों में सिफ़ारिशें होती हैं जो तकनीकी रूप से भारत सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होतीं. लेकिन सामान्य रूप से इसकी सिफ़ारिशों को गंभीरता से लिया जाता है और उन पर सरकार संसद में कार्रवाई नोट्स भी रखती है.

लोक लेखा समिति को सरकार की कार्रवाई नोट्स की समीक्षा करने का भी अधिकार है और उसके आधार पर जांच के लिए अनुमोदन करने का भी अधिकार इस समिति को है.

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