संगीनों के साए में बस्तर संसदीय क्षेत्र का उपचुनाव

छत्तीसगढ़ पुलिस
Image caption बस्तर उप चुनावों के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं.

भारत का सबसे संवेदनशील संसदीय चुनाव क्षेत्र माने जाने वाले बस्तर में आठ मई को होने वाले उपचुनाव की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. ये सीट बस्तर के सांसद बलिराम कश्यप के निधन के बाद खाली हुई है.

बलिराम कश्यप भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता माने जाते थे और उन्हें 'बस्तर टाइगर' के नाम से भी जाना जाता रहा है. इस संसदीय सीट को सबसे संवेदनशील इसलिए मना जाता है क्योंकि यह इलाक़ा नक्सली हिंसा का केंद्रबिंदु रहा है. अब इस इलाके में माओवादी और सुरक्षाबलों के जवान युद्ध लड़ रहे हैं. इस इलाक़े में चुनाव कराना प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है. वैसे भी हमेशा की तरह भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने उप चुनाव के बहिष्कार का आव्हान भी किया है. आठ विधान सभा क्षेत्रों में फैले इस संसदीय क्षेत्र के अधिकांश इलाके अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं. ख़ास तौर पर इनमे कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, जगदलपुर, चित्रकूट, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा शामिल हैं. दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर के लगभग सभी मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील हैं. इसलिए इस उपचुनाव को संपन्न कराने के लिए भारी सुरक्षा के इंतज़ाम किये गए हैं.

बंदोबस्त

Image caption बस्तर की सीट बीजेपी सांसद बलिराम कश्यप की मौत के बाद खाली हुई है.

बस्तर संभाग के आयुक्त के श्रीनिवासुलू नें बीबीसी को बताया कि चुनाव कर्मियों और ईवीएम मशीनों को लाने ले जाने के लिए वायु सेना के सात हेलीकाप्टरों की व्यवस्था भी की है. इसके अलावा लगभग 200 मतदान केंद्रों को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया गया है. श्रीनिवासुलू का कहना है कि प्रशासन नें चुनाव संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त अर्द्ध सैनिक बलों की मांग की थी. उनका कहना है, "सरकार और चुनाव आयोग नें हमारी मांग मान ली है और अब महाराष्ट्र से अतिरिक्त बल हमें मुहैया कराये जा रहे हैं." वर्ष 2008 के विधान सभा के चुनाव में माओवादियों नें बस्तर के इलाक़े में कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया था. विधान सभा के चुनाव के दौरान माओवादियों नें एक हेलीकाप्टर पर भी हमला कर उसके पाइलट के हत्या भी कर दी थी.

इस बार वायु सेना नें चुनाव के कार्य को अंजाम देने के लिए विशेष उपाय किए हैं. कहा जा रहा है कि चुनाव के काम में लगने वाले हेलीकाप्टरों में मशीनगन लगाई जा रही है ताकि माओवादियों द्वारा हमले की सूरत में उनपर जवाबी कारावाई की जा सके. इस संसदीय क्षेत्र में कुल 11,94,453 मतदाता हैं जिनमें से ज़्यादातर अनुसूचित जनजाती से संबंध रखते हैं.इसी लिए इस सीट को आदिवासियों के लिए आरक्षित किया गया है.

उम्मीदवार

इस उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी नें बलिराम कश्यप के बेटे दिनेश कश्यप को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने बस्तर से अपने एकमात्र विधायक कवासी लकमा को खड़ा किया है.

कुल मिलकर इस उपचुनाव में 18 उम्मीदवार हैं जिसमे से चार निर्दलीय हैं. पिछले संसदीय चुनाव में इस क्षेत्र में बहुत कम वोट पड़े थे.

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