जांच की गति से असंतुष्ट सुप्रीम कोर्ट

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Image caption सुप्रीम कोर्ट में 2जी से जुड़े कई मामलों की जांच चल रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में टैक्स चोरी की जांच की धीमी गति पर गहरा असंतोष जताते हुए कहा कि अदालत परिणाम चाहती है.

2 जी मामलों से जुड़े टैक्स चोरी के मामलों की जांच आयकर विभाग कर रही है और सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को आड़े हाथों लिया है.

जस्टिस जीएस सिंघवी और एके गांगुली की खंडपीठ ने आयकर विभाग को निर्देश दिया कि वो एक पूरी जांच रिपोर्ट दायर करें.

कोर्ट ने कहा है कि आयकर विभाग को तीन वर्ष पहले आयकर चोरी के बारे में शिकायत मिली थी जिसके बाद नीरा राडिया के फोन टैप करना शुरु किया गया. कोर्ट ने आयकर विभाग से कहा कि इन तीन वर्षों में उन्होंने जो भी कार्रवाई की उसका ब्यौरा दे.

खंडपीठ का कहना था, ‘‘आयकर विभाग जल्दी काम कर सकता है. यह आयकर चोरी का कोई सामान्य मामला नहीं है. इसकी जांच तेज़ी से होनी चाहिए. यह कोई सामान्य मामला नहीं है जिसकी जांच सामान्य तरीके से हो.’’

हालांकि विभाग ने अपनी जांच का बचाव किया है और कहा कि अब ये जांच कई परतों की हो चुकी है और उनकी तरफ से कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है.

लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को नहीं माना और कहा कि कोर्ट को ‘जांच की परतों से नहीं लेना देना बल्कि उसे परिणाम चाहिए.’

अदालत ने आयकर विभाग को इस बात की अनुमति दी है कि वो 2जी के मामले की जांच कर रहे विशेष न्यायाधीश से संपर्क करे ताकि इस मामले में गिरफ्तार कारपोरेट अधिकारियों से पूछताछ कर सके.

सुप्रीम कोर्ट सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट (सीएफपीई)की एक याचिका पर यह सुनवाई कर रहा था. कोर्ट ने सीएफपीई के इस आग्रह पर भी विचार करने पर सहमति जताई कि पूरे मामले की विभिन्न सरकारी विभागों से जांच की मॉनिटरिंग में कोर्ट की मदद के लिए दो स्वतंत्र लोगों को नियुक्त किया जाए.

इस आवेदन पर सुनवाई 13 मई को होगी.

सीएफपीई का कहना था कि इस मामले में ‘बड़े खिलाड़ियों को बचाया' जा रहा है.

कोर्ट ने सीएफपीई और अन्य याचिकाकर्ताओं को आश्वासन दिया कि इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों को बेनकाब किया जाएगा चाहे उनके पास कितना भी पैसा हो या उनका कितना भी रसूख हो.

कोर्ट का कहना था, ‘‘ आप आश्वस्त रहें कि कोई भी व्यक्ति चाहे वो कितना रसूखदार हो या पैसे वाला हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.’’

मामले में सीबीआई का कहना था कि अभी तक किसी को भी छोड़ा नहीं गया है और जांच जारी है. सीबीआई का कहना था कि टाटा और रिलायंस की इस घोटाले में कथित रुप से लिप्त होने की भी जांच चल रही है.

सीबीआई ने कहा कि वो जल्दी ही जांच की ताज़ा स्थिति पर गर्मी की छुट्टियों के बाद एक रिपोर्ट देगा.

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