चीनी मिलों की नीलामी पर सवाल

  • 7 मई 2011
किरीत सोमैया और सूर्य प्रताप शाही
Image caption बीजेपी ने चीनी मिलों की नीलामी में पारदर्शिता ना होने का आरोप लगाया है.

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने मायावती सरकार के ख़िलाफ़ एक और आरोप पत्र जारी करके इल्ज़ाम लगाया है कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों को ‘गैरपारदर्शी’ तरीके से बेचकर सरकारी खजाने को 25 हजार करोड रुपयों का नुकसान पहुंचाया गया है.

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डाक्टर किरीत सोमैया और प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को सहारनपुर में एक प्रेसवार्ता के दौरान आरोप पत्र जारी किया.

आरोप पत्र में कहा गया है कि, "मायावती सरकार ने अपने चहेते उद्यमी पांटी चड्ढा ग्रुप को लाभ पहुंचाने के लिए यह कुकृत्य किया है.’’

भाजपा ने इससे पहले पिछले महीने लखनऊ में मायावती सरकार के सौ कथित घोटालों पर एक पुस्तक जारी करके दो लाख चौवन हज़ार करोड रुपयों के घोटालों का आरोप लगाया था, जिसका सरकार ने जोरदार तरीके से खंडन किया.

भाजपा ने इन कथित घोटालों पर एक सचल रोचक प्रदर्शनी भी तैयार की है, जो जगह जगह लगाई जा रही है.

भाजपा नेताओं ने कहा है कि , "भाजपा यदि सत्ता में आती है तो चीनी मिलों के सौदे पर पुनर्विचार होगा. सौदों को रद्द भी किया जा सकता है.’’

किरीत सोमैया ने कहा है कि भाजपा मई के अंत तक मायावती सरकार के भूमि घोटालों पर एक और रिपोर्ट जारी करेगी. इसके बाद 12 जून को राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें एक विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी.

आरोप पत्र

आरोप पत्र में कहा गया है कि चीनी मिलों की बिक्री के लिए शुरुआती बोली का दौर पिछले साल दिल्ली में करवाया गया. उस दौर में बिरला शुगर, डालमिया ग्रुप, सिम्भौली सुगर, धामपुर सुगर, द्वारिका सुगर, उत्तम सुगर त्रिवेणी सुगर और मोदी सुगर ने बोली में हिस्सा लिया.

लेकिन इन्डियन पोटाश और वेव इंडस्ट्री को छोड़कर बाकी सभी उद्योग समूहों ने अपने को बोली से अलग कर लिया.

आरोप पत्र में कहा गया है कि सराकर ने ऐसा तरीका अपनाया कि अधिकांश मिलों की नीलामी पोंटी चड्ढा के पक्ष में गई.

आरोप पत्र में कहा गया कि इन मिलों में बड़े पैमाने पर सामान, बिल्डिंग , मशीनरी , चीनी , शीरा और जमीनें थीं और उन्हें कौडियों के दम दे दिया गया.

आरोप पत्र में जिन मिलों को औने पौने दाम बेचने की बात कही गई उनमे अमरोहा, बिजनौर, बहराइच कि जरवल रोड चीनी मिल, बरेली, देवरिया, बाराबंकी और हरदोई की मिलें शामिल हैं.

पोंटी चड्ढा शराब का भी व्यापार करते हैं . मायावती सरकार पर उन्हें शराब के धंधे में भी फायदा पहुंचाने के आरोप लग चुके हैं.

उत्तर प्रदेश सरकार ने फ़िलहाल भाजपा के आरोप पत्र का कोई जवाब नहीं दिया है.

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