बस्तर में मतदान के दौरान हिंसा

बस्तर
Image caption बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी है

छत्तीसगढ़ के बस्तर संसदीय सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में माओवादियों ने हिंसक घटनाओं को अंजाम देकर मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की है.

बस्तर संभाग के कई स्थानों पर माओवादियों ने मतदानकर्मियों और पोलिंग एजेंटों पर हमला भी किया. इस दौरान दंतेवाड़ा के नकुलनार इलाक़े में एक बारुदी सुरंग का विस्फोट किया.

लेकिन इस विस्फोट में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकुलनार के खूँटेपाल के पास मतदानकर्मियों को छोड़कर बारूदी सुरंग निरोधक वाहन और कुछ अन्य वाहन लौट रहे थे. इसी बीच धमाका हुआ.

पुलिस का कहना है कि दंतेवाड़ा के ही काटेकल्याण के पास माओवादियों ने घात लगाकर मतदानकर्मियों को ले जा रहे एक दल पर अंधाधुंध गोलियाँ चलानी शुरू कर दी.

हिंसा

मतदानकर्मियों के साथ जा रहे सुरक्षाबलों के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान एक विशेष पुलिस अधिकारी के घायल होने की ख़बर है.

पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ अब भी जारी है और ये घटनास्थल दंतेवाड़ा ज़िला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर है.

इसके अलावा ख़बरें आ रही हैं कि पूरे बस्तर संभाग के अंदरुनी इलाक़ों में माओवादियों ने कई सड़क मार्गों को बंद कर दिया है. कहीं पर पेड़ काट कर डाल दिए गए हैं तो कहीं सड़कों पर गड्डे खोद दिए गए हैं.

इस उपचुनाव के 1716 बूथों में क़रीब 80 प्रतिशत अति संवेदनशील हैं. इस कारण सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी है. पूरा इलाक़ा छावनी में तब्दील कर दिया गया है. भारतीय वायु सेना के पाँच हेलिकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद बलिराम कश्यप के निधन के कारण ये सीट ख़ाली हुई थी. इस सीट पर आठ उम्मीदवारों के भाग्य का फ़ैसला होना है.

संबंधित समाचार