'लिख लो वाम मोर्चा फिर जीतेगा'

  • 9 मई 2011
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Image caption बिमान बसु देर रात तक पार्टी कार्यालय में जमे रहते हैं

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कोलकाता दफ़्तर में सुबह से रात तीन-चार बजे तक बैठकें करने वाले राज्य इकाई के सचिव बिमान बसु दावे के साथ कहते हैं कि उन्हें आठवीं बार राज्य में वाम मोर्चा सरकार बनाने का पूरा भरोसा है.

बिमान बसु कहते हैं, "ये जो समाज शास्त्री चुनाव विश्लेषक 2009 के लोक सभा चुनावों के नतीजों को आधार बना कर कहते हैं कि वाम मोर्चा हार जाएगा. ये 13 मई को मतगणना के दिन चुप हो जाएँगें."

साल 2000 से पश्चिम बंगाल की कमान ज्योति बसु से लेने वाले बुद्धदेब भट्टाचार्य की जनता से अपने कार्यकर्ताओं की ग़लतियों के लिए बारंबार माफ़ी मांगने की बात पर पश्चिम बंगाल में पार्टी के मुखिया बसु कहते हैं कि हज़ारों ग़लत कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल बाहर किया गया है.

उन्होंने कहा कि साल 2009 के चुनावी नतीजों से उन्होंने सबक लिया और भीतर बहस करके सुधार कार्यक्रम चलाए, जिनका अच्छा असर हुआ है.

आप उनसे पूछिए कि अगर सब कुछ उनके इच्छा के मुताबिक़ चल रहा है तो फिर उन्हें पार्टी से निकाल फेंके गए पूर्व लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी की प्रचार में मदद क्यों लेनी पड़ी.

इस पर उन्होंने कहा, "कुछ लोग बाहर रहते हुए पार्टी की मदद करना चाहते हैं वो करते हैं. कुछ भाषण भी दे देते हैं. सोमानाथ चटर्जी ने भी दो सीटों पर पार्टी के समर्थन में इसी तरह की सभाएं की."

विपक्ष की ममता

बसु से जब मैंने पूछा कि 34 साल बाद सत्ता से बहार हुए तो क्या पार्टी मुश्किल में नहीं पड़ जाएगी तो बसु ने सामने पड़ी काली चाय की चुस्की ली और चारों तरफ़ चलते पंखों की तेज़ हवा के बीच अपनी सिगरेट जलाई और बोले, "जो तेज़ हवा के बीच सिगरेट नहीं जला सकता वो स्मोकर नहीं है."

दोबारा पूछने पर बसु बोले प्रश्न बेमतलब है और आठवीं सरकार फिर उनकी बनेगी.

वर्षों पहले घर छोड़ कर पार्टी दफ़्तर में आ बसे बसु से जब ये पूछिए कि उनमे और सीपीएम के उन बहुसंख्यक कार्यकर्ताओं में क्या अंतर है जिन्होंने पैदा होते ही पार्टी की सत्ता देखी है, तो वो कहते हैं- जो ज़माने में फर्क आया है, समाज में आया है, वही कार्यकर्ता में आया है. मैं और बुद्धो बाबु धोती-कुर्ता पहनते हैं, हमारे पास बैंक अकाउंट नहीं है. लेकिन आजकल कार्यकर्ता नए तरह के कपड़ों में रहना चाहते हैं और ज़माने के साथ चलते हैं."

बिमान बसु बात करते-करते तेज़ी से हाथ उठा कर सामने की टेबल पर दौड़ रहे एक छोटे से कॉकरोच को मारने की कोशिश करते हैं और ममता बनर्जी के बारे में कहते हैं, "ममता कहती हैं कि माओवादी और मार्क्सिस्ट एक हैं. पिछले लोकसभा चुनावों के बाद से हमारे 400 कार्यकर्ता और नेता माओवादियों ने मार डाले. कितनों को उनके इलाक़ों से भगा दिया. ममता ने कभी माओवादियों के ख़िलाफ़ एक नारा तक नहीं दिया."

पार्टी के विरोध और आम लोगों के ग़ुस्से की बात करते हुए दोबारा टेबल पर भटक आए उस कॉकरोच को सफलता पूर्वक ठंडा करते हुए बसु कहते हैं, "तारीख़ समय नोट कर लीजिए मैं कहता हूँ कि आठवीं बार सरकार बनाएँगें."

लेकिन शायद 34 साल सत्ता में रहने के बाद चौतरफ़ा उपजे विरोध को दबाना सामने दौड़ रहे कीड़े को दबाने से बहुत ज़्यादा मुश्किल है.

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