किसान आंदोलन बना राजनीतिक मुद्दा

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एक निजी कंपनी के लिए नोएडा से लेकर आगरा तक भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों और उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के बीच टकराव एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है.

भारतीय जनता पार्टी ने आज पश्चिमी ज़िलों में काला दिवस के तौर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है. पार्टी ने मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर नोएडा में बंद का आह्वान किया है.

विधान सभा में विरोधी दल के नेता शिवपाल सिंह यादव और सांसद मोहन सिंह समेत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया. ये लोग पीड़ित ग्रामीणों से मिलने जा रहे थे.

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह को भी भट्टा परसौल जाते समय हिरासत में ले लिया गया है.राजनाथ सिंह ने कहा है कि जब तक संसद में ज़मीन अधिग्रहण के बारे में संसद में नया क़ानून नहीं बन जाता तब तक किसी की भी ज़मीन का अधिग्रहण नहीं होना चाहिए.

शनिवार को इस गांव में हुए ख़ूनी संघर्ष में दो पुलिस जवानों समेत पांच लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

हालाँकि इस बात की संभावना कम है कि प्रशासन विपक्षी नेताओं को वहां जाने देगा.

मांग

इससे पहले रविवार को लोकदल नेता अजित सिंह को पुलिस ने भट्टा ग्राम जाने से रोक कर हिरासत में ले लिया था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी ने पुलिस फ़ायरिंग की सीबीआई जाँच की मांग की है.

जनता दल (यू), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीआई (एमएल) ने भी किसानों की भूमि जबरन अधिग्रहीत कर एक निजी कंपनी को देने और पर्याप्त मुआवज़ा न देने के लिए सरकार की निंदा की है.

विपक्षी दल हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को 20 से 25 लाख रुपए मुआवज़ा देने की मांग कर रहे हैं.

इस बीच सरकार ने जेपी उद्योग समूह की निर्माणाधीन परियोजनाओं और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए नोएडा से लेकर आगरा तक बड़े पैमाने पर सशस्त्र बल तैनात कर दिए हैं.

आरोप

किसान नेताओं की तलाशी के लिए गाँवों में छापे मारे जा रहे हैं. कई गाँवों में सन्नाटा है. केवल महिलाएँ और बच्चे हैं. उनका कहना है कि पुलिस के लोग मार-पीट लूट-पाट कर रहे हैं.

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Image caption किसान आंदोलन ने राजनीतिक रंग ले लिया है

कई घायल ग्रामीण पुलिस के डर से इलाज भी नही करवा रहे हैं. कई लोग लापता बताए गए हैं.

लेकिन सरकार का कहना है कि किसानों की ज़मीन करार नियमावली के तहत उनकी सहमति से ली जा रही है और विपक्ष राजनीतिक स्वार्थवश भोले-भाले किसानों को भड़का रहा है.

लेकिन भाजपा नेता लालजी टंडन ने सरकार को चेतावनी दी है कि पुलिस दमन से आंदोलन दबने के बजाय और भड़केगा.

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