आदर्श मामले की और फ़ाइलें ग़ायब

  • 14 मई 2011
आदर्श हाउसिंग सोसायटी
Image caption आदर्श हाउसिंग सोसायटी मामले ने कांग्रेस की बड़ी किरकिरी की है

मुंबई में एक सीबीआई अधिकारी का कहना है कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की आदर्श हाउसिंग सोसायटी मामले से जुड़ी कुछ फ़ाइलें ग़ायब हैं और नहीं मिल रही हैं.

उनका कहना है कि ये सूचना पर्यावरण मंत्रालय की ओर से दी गई है.

अगर ये बात सही है तो आदर्श सोसायटी घोटाले मामले में कागज़ात गुम होने का ये दूसरा मामला है.

अधिकारी ने कहा कि फ़ाइलों में पर्यावरण मंत्रालय के अंदरूनी पत्रव्यवहार के अलावा दूसरे विभागों जैसे महाराष्ट्र के नगरीय विकास विभाग से किए गए पत्रव्यवहार शामिल थे.

अधिकारी के मुताबिक़ मंत्रालय के अधिकारी उन्हें बता रहे हैं कि ये फ़ाइल वर्ष 2009 से नहीं मिल रही है.

विवाद

सीबीआई के इस अधिकारी ने ये बातें अपना नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताई हैं.

सीबीआई ने आदर्श सोसायटी मामले की जाँच के सिलसिले में मंत्रालय के अधिकारियों से ये फ़ाइलें मांगी थीं.

इस बारे में पर्यावरण मंत्रालय का पक्ष लेने के लिए पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश से संपर्क नहीं हो पाया. उनके निवास पर बताया गया कि वो अभी श्रीनगर में हैं.

इससे पहले नवंबर में महाराष्ट्र सरकार के नगरीय विकास विभाग से आदर्श सोसायटी को मिली सहमति से जुड़े महत्वपूर्ण कागज़ात ग़ायब हो गए थे.

इस मामले में विभाग के तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

सीबीआई इस मामले के अलावा आदर्श सोसायटी घोटाले की जाँच कर रही है.

मुंबई स्थित आदर्श हाउसिंग सोसायटी तब विवादों में घिर गई जब पाया गया कि इसकी इमारत के निर्माण में अनेक नियमों और क़ानूनों का उल्लंघन हुआ था.

यही नहीं कई प्रभावशाली अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदारों को इस इमारत में फ़्लैट दिए गए.

पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा और कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस की सरकार के उस समय मुख्यमंत्री रहे अशोक चव्हाण को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा.

विपक्षी दलों ने ये मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया और इस मामले को अपने राष्ट्रव्यापी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा बनाया हुआ है.

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