झारखंड में चार की गोली मारकर हत्या

  • 16 मई 2011
झारखंड के माओवादी (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption पुलिस का मानना है कि माओवादियों के ज़रिए रविवार को पांच लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए ये हत्याएं की गई हैं.

झारखंड के गुमला ज़िले में माओवादियों से अलग हुए एक धड़े 'पीपल्स लिबरेशन फ्रंट आफ़ इंडिया' (पीएलएफ़आई) के संदिग्ध हथियारबंद दस्ते ने ढाकिया गाँव के चार भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी है.

यह घटना रविवार देर रात की है और पुलिस ने सोमवार की सुबह चारों शवों को बरामद किया.

पुलिस को अंदेशा है कि यह घटना रविवार को गुमला के ही लोकमी गाँव में दूल्हे सहित पांच लोगों की हत्या के विरोध में अंजाम दी गई है.

घटनास्थल राजधानी रांची से 140 किलोमीटर उत्तर की दिशा में है और पुलिस का कहना है कि पीएलएफ़आई के दस्ते नें इन चारों भाइयों को माओवादी होने के शक में मारा है.

मारे गए लोगों की शिनाख्त जीतू बढ़ई, बसंत बढ़ई, महेश बढ़ई और शीत बढ़ई के रूप में की गई है.

कुछ माओवादी कमांडरों ने संगठन से अलग होकर अपने अलग-अलग गुट बना लिए हैं. यह सभी गुट झारखंड में सक्रिय हैं.

इनमे प्रमुख रूप से पीएलएफ़आई, झारखंड लिबरेशन टाइगर, तृतीय प्रस्तुति कमेटी और झारखण्ड प्रस्तुति कमेटी शामिल हैं.

यह सभी गुट झारखंड के खनन वाले इलाक़ों में वर्चस्व को लेकर आपस में संघर्ष कर रहे हैं.

जिस इलाक़े में जिस संगठन का प्रभाव है उस इलाक़े में खनन करने वाली कंपनी को इन गुटों को कथित तौर पर लेवी पहुंचानी पड़ती है.

ऐसे आरोप हैं कि कुछ गुटों को पुलिस का संरक्षण भी हासिल है.

पीएलएफ़आई ने शादी के समारोह में माओवादियों की ओर से गए क़त्लेआम के ख़िलाफ़ लातेहार, सिमडेगा और गुमला ज़िलों में बंद का आह्वान भी किया है.

दूल्हे की हत्या

इससे पहले रविवार को झारखंड में दो अलग-अलग स्थानों पर हुए माओवादी हमले में पांच लोग मारे गए थे जबकि दो पुलिसवाले घायल हो गए थे.

इसके अलावा माओवादियों ने एक निजी निर्माण कंपनी की 29 गाड़ियों में आग भी लगा दी थी.

पहली घटना गुमला ज़िले के लोकमी गाँव की है जहाँ सशस्त्र माओवादियों के एक दस्ते ने एक विवाह समारोह में धावा बोल दिया था.

पुलिस का कहना है कि माओवादी अपने से अलग हुए एक धड़े यानी पीएलएफ़आई नामक संगठन के कुछ लोगों को ढूंढ रहे थे.

पुलिस के अनुसार इस दौरान माओवादियों ने दूल्हे को और उनके पिता सहित पांच लोगों को समारोह से घसीटकर गोली मार दी.

दूल्हे का नाम गुरदेव ओराँव जबकि पिता का नाम चेता ओराँव बताया जाता है.

पुलिस का कहना है कि मारे गए लोगों में दो पंजाब से शादी में भाग लेने आये हुए थे.

लोकमी में शादी का माहौल मातम में तब्दील हो गया. गुमला में मौजूद स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि शादी समारोह में मौजूद लोग माओवादियों के दस्ते से गुहार लगाते रहे. लेकिन सशस्त्र वर्दीधारी माओवादियों ने किसी की एक ना सुनी.

पुलिस का कहना है कि माओवादी पीएलएफ़आई के कमांडर मंगल नगेसिया की तलाश कर रहे थे और उन्हें शक था कि दूल्हा और उसके पिता भी पीएलएफ़आई के लिए काम करते थे.

यह दूसरा ऐसा मौक़ा था जब माओवादियों ने शादी में शामिल लोगों को अपना निशाना बनाया.

इससे पहले पांच मई को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा पर गढ़चिरौली के पास माओवादियों ने एक बाराती जीप को विस्फोट से उड़ा दिया था जिसमे छह लोग मारे गए थे. मारे जाने वालों में महिलाएं और बच्चे थे जो छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव के रहने वाले थे.

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