भट्टा परसौल के लिए राज्य सरकार जवाबदेह

  • 17 मई 2011
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Image caption भट्टा परसौल में अब भी कई लोग लापता हैं.

कांग्रेस ने कहा है कि अगर उत्तर प्रदेश समझती है कि भट्टा परसौल में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो वो सीबीआई या न्यायिक जांच के लिए क्यों तैयार नहीं हो जाती है.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने दिल्ली में एक प्रेसवार्ता में कहा कि भट्टा परसौल गांवों में बर्बरता हुई है और उस बर्बरता के लिए बहुजन समाज पार्टी सरकार जबावदेह है.

ये पूरा मुद्दा पिछले हफ़्ते सुर्खियों में आया जब भट्टा परसौल में बंधक बनाए गए तीन सरकारी कर्मचारियों को रिहा कराने वहाँ पहुँचे ज़िलाधीश और कुछ पुलिसकर्मियों पर गोलियाँ चलाई गईं.

ज़िलाधीश और कुछ पुलिसकर्मी इस घटना में घायल हुए लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कम से कम तीन लोग मारे गए अनेक घायल हो गए. इन गावों से अनेक लोग अब भी लापता हैं.

अब इस मामले में कांग्रेस और उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बीच तीख़ी बयानबाज़ी हो रही है.सोमवार को राहुल गांधी ने किसानों के प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात भी की थी.

बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने खोए हुए जनाधार को बढ़ाने के इरादे से राजनीतिक ड्रामेबाज़ी करती रहती है.

कांग्रेस का संकल्प

दिल्ली में मनीष तिवारी ने पत्रकारों को बताया, "जिन लोगों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, उन्हें न्याय तक पहुंचाना कांग्रेस पार्टी का संकल्प है. इसे आप किसान कार्ड कहो या विद्वान कार्ड,ये मैं आपके विवेक पर छोड़ता हूं."

तिवारी ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार कहती है कि भट्टा परसौल में बदसलूकी नहीं की गई तो उस गांव में पत्रकारों और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम को जाने दिया जाए.

तिवारी ने आरोप लगाया कि भट्टा परसौल गांवों में कई लोग गुम हैं और वहां महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई है.

पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने दिल्ली में प्रेसवार्ता में कहा,"भट्टा परसौल में ज़ुल्म हुआ है. उस गांव की आत्मा चीख चीख कर इंसाफ़ की गुहार लगा रही है.जब तक भट्टा परसौल के उन निवासियों को न्याय नहीं मिलता कांग्रेस पार्टी अपनी जंग को पूर्ण विराम नहीं लगाएगी."

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