कांग्रेस के हत्या, बलात्कार के आरोप निराधार: बसपा

कांग्रेस की जारी की गई तस्वीरें इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption भट्टा-परसौल गाँव की बताई जाने वाली ये तस्वीरें कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के कार्यालय ने जारी की हैं

बहुजन समाज पार्टी ने भट्टा परसौल गांव और उसके आसपास लोगों की हत्या और महिलाओं से बलात्कार होने के कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह झूठा, ग़लत और निराधार बताया है.

ग़ौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव हाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भट्टा परसौल गांव और उसके आसपास के इलाक़ों में किसानों की शिकायतें सुनने पहुँचे थे और सोमवार को उन्होंने कई किसानों की मुलाक़ात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी करवाई थी.

बाद में राहुल गांधी ने आरोप लगाया, "सरकार की ओर अत्याचार हो रहा है, लोगों की हत्या हो रही है. हमने राख के 74 भंडार देखे हैं जिनमें शव थे. सभी गाँववासी ये जानते हैं. हम आपको तस्वीरें दिखा सकते हैं. महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ है और घर नष्ट कर दिए गए हैं."

राहुल किसानों का मुद्दा लेकर प्रधानमंत्री के पास पहुँचे

ये पूरा मुद्दा पिछले एक हफ़्ते से सुर्खियों में आया जब भट्टा परसौल में बंधक बनाए गए तीन सरकारी कर्मचारियों को रिहा कराने वहाँ पहुँचे ज़िलाधीष और कुछ पुलिसकर्मियों पर गोलियाँ चलाई गईं.

ज़िलाधीश और कुछ पुलिसकर्मी इस घटना में घायल हुए लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कम से कम तीन लोग मारे गए अनेक घायल हो गए. इन गावों से अनेक लोग अब भी लापता हैं.

उत्तर प्रदेश के विपक्षी दलों के नेताओं ने वहां पहुँचने की कोशिश की लेकिन उन्हें हिरासत में लिया गया और इन नेताओं ने आरोप लगाया कि पूरा विवाद भूमि ग़लत तरीके से हो रहे अधिग्रहण के कारण शुरु हुआ है. लेकिन उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार का कहना है कि इसका भू-अधिग्रह से कोई लेना-देना नहीं है.

'अराजक तत्वों को हथियार दिए'

दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता का कहना था, "कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने खोए हुए जनाधार को बढ़ाने के इरादे से राजनीतिक ड्रामेबाज़ी करती रहती है. इसी क्रम में राहुल गांधी द्वारा भट्टा परसौल गांव के कुछ भोले-भाले लोगों को बहला फुसला कर प्रधानमंत्री से उनकी मुलाक़ात कराई. कांग्रेस को भट्टा परसौल घटना की आड़ में झूठ व अफ़वाह फैलाने की घटिया राजनीति बंद करनी चाहिए. किसानों को गुमराह किया जा रहा है क्योंकि वहाँ की घटना का भू-अधिग्रहण से कोई लेना-देना नहीं है."

कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों पर पलटवार करते हुए बसपा ने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी राजनीतिक दलों ने अराजक तत्वों को अवैध हथियार आदि देकर उन्हें किसानों की आड़ में, भट्टा परसौल में कानून-व्यवस्था को खराब करने के लिए उकसाया और उन गांव वालों ने परिवहन विभाग के तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया था.

बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता ने दावा किया कि अराजक तत्वों द्वारा भट्टा परसौल गांव में कानून-व्यवस्था को ख़राब करने का पूरा प्रयास किया गया था, लेकिन प्रशासन द्वारा सूझबूझ के साथ की गई कार्रवाई के चलते ये लोग अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सके और अब वहां स्थिति पूरी तरह सामान्य है.

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