चिदंबरम ने ग़लती की ज़िम्मेदारी ली

पी चिदंबरम
Image caption पी चिदंबरम ने ग़लती की ज़िम्मेदारी स्वीकार की

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि भारत के 50 मोस्ट वांटेड लोगों की सूची में वज़हुल ख़ान का नाम आना एक ग़लती थी. ये मुंबई पुलिस की ऐसी भूल थी, जो अनजाने में हुई.

नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिदंबरम ने कहा, "ग़लती हुई है. हम किसी को दोषी नहीं ठहरा रहे. हम इसकी ज़िम्मेदारी लेते हैं."

उन्होंने कहा कि वजहुल ख़ान के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस को वापस ले लिया जाना था और उनका नाम सूची से हटा दिया जाना चाहिए था.

भारत ने पिछले दिनों पाकिस्तान को 50 मोस्ट वांटेड लोगों की सूची सौंपी थी. लेकिन उस समय सरकार को काफ़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब पता चला कि सूची में शामिल एक व्यक्ति मुंबई से लगे ठाणे ज़िले में ही रह रहा है.

अगर इस सूची की मानें तो वज़हुल क़मर ख़ान को पाकिस्तान में होना था. अब वज़हुल का नाम इस सूची से हटा दिया गया है.

चिदंबरम ने कहा कि सीबीआई को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी कि मुंबई पुलिस ने वज़हुल ख़ान को गिरफ़्तार किया गया था.

गिरफ़्तारी

गृह मंत्री ने कहा कि इस मामले में भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी आईबी की ओर से भी ग़लती हुई है. ये ज़रूर है कि वज़हुल को 2003 के मुंबई में हुए धमाकों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था.

ये धमाके मुलुंड, विले पार्ले और मुंबई सेंट्रल में हुए थे. पुलिस के मुताबिक़ वो धमाकों की साज़िश में कथित तौर पर शामिल थे. पिछले दिनों भारत ने जिन 50 वांछित भगोड़ों की एक सूची जारी की थी जिसमें लश्कर के संस्थापक हाफ़िज़ सईद और दाऊद इब्राहिम के भी नाम हैं.

इसके अलावा सूची में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अज़हर का भी नाम है जिन पर 2001 में संसद पर हमले की साज़िश रचने का आरोप है.

सूची में अल क़ायदा के इलियास कश्मीरी, दाऊद के सहयोगी टाइगर मेमन, छोटा शकील, मेमन अयूब अब्दुल रज्जाक, अनीश इब्राहिम कास्कर, अनवर अहमद हाजी जमाल और मोहम्मद अहमद डोसा के नाम हैं. कश्मीरी के अलावा इन सभी लोगों पर 1993 में मुंबई में धमाके करवाने का आरोप है.

इस सूची में हिज़्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ़्रंट के संस्थापक अमानुल्ला ख़ान, पंजाब के चरमपंथी लखबीर सिंह, परमजीत सिंह पंजवार, रंजीत सिंह उर्फ नीता और वाधवा सिंह के नाम शामिल हैं.

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