गांव-गांव में लड़ेंगे, इस सरकार को यूपी से निकालेंगे: राहुल

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Image caption राहुल वाराणसी में कांग्रेस के सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं

कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने कहा है कि 'पार्टी के कार्यकर्ता और नेता ख़ून-पसीना बहाने को तैयार हैं और वे भट्टा परसौल से शुरु हुई लड़ाई को उत्तर प्रदेश के गांव-गांव तक ले जाएँगे और मायावती सरकार को हटाकर दिखाएँगे.'

उन्होंने मायावती सरकार को चुनौती दी कि वे पिछले दिनों भट्टा परसौल में हुई पुलिस फ़ायरिंग की न्यायिक जाँच कराएँ.

उनका कहना था कि पिछले 20 साल में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी आदि कई पार्टियों को उत्तर प्रदेश के लोगों ने देखा है लेकिन विकास की एक सरकार नहीं देखी है.

वाराणसी में हो रहे कांग्रेस के अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मुद्दों की कोई कमी नहीं है और मेरे पास बहुत समय है. मैं यूपी के कोने-कोने में जाऊँगा और कार्यकर्ता का हाथ पकड़कर ग़रीबों की लड़ाई लडूँगा. किसी ने वोट बैंक की बात की थी. हमारा वोट बैंक राज्य की ग़रीब जनता है, यदि उसकी लड़ाई लड़ेंगे तो आगे बढ़ेंगे, नहीं तो नहीं बढ़ेंगे."

कांग्रेस महासचिव को सुबह ही भाषण देना था लेकिन उन्होंने कहा कि वे पूरे दिन सभी को सुनने के बाद कार्यकर्ताओं को संबंधित करेंगे.

कार्यकर्ताओं को हल्की फटकार लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, "जो कांग्रेस की ख़राब आदत हैं - बसपा ये कर रही है, सपा वो कर रही है, उसे बंद करना है...मैं जानना चाहता हूँ कि कांग्रेस यूपी के लिए क्या कर रही है और हम प्रदेश को कैसे बदलेंगे. हमारी लड़ाई चुनावों की लड़ाई नहीं है, ये राज्य के युवा और भविष्य की लड़ाई है."

राहुल गांधी ने याद दिलाया कि पिछले लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी से गठबंधन न करने का कांग्रेस को फ़ायदा हुआ.

'सब कुछ ठीक है तो धारा 144 क्यों?'

बुंदेलखंड का ज़िक्र करते हुए उन्होंने अपनी ही पीठ थपथपाते हुए कहा कि वहाँ सड़कें नहीं थीं, पानी नहीं था और उन्होंने लड़ाई लड़ी और प्रधानमंत्री से पैकेज भी दिलाया.

उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले बुंदेलखंड गई ही नहीं और फिर ये मानने को तैयार नहीं थीं कि वहाँ समस्या है और जब केंद्र ने पैसा भेजा तो उसका ठीक से इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि वहाँ अब भी सड़के ख़राब हैं.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा में किसानों और प्रशासन के बीच चल रहे तनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन गांवों से पुरुष भाग गए थे और महिलाएँ मारपीट और घर जलाए जाने की शिकायत कर रही थीं.

राहुल का कहना था, "मायावती सरकार कहती है कि वहाँ (भट्टा-परसौल) सब कुछ ठीक है. तो फिर धारा 144 क्यों लगा रखी है, लोग घर छोड़कर क्यों भाग रहे हैं, सरकार न्यायिक जाँच क्यों नहीं करा रही है. स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच होगी तो सब सामने आ जाएगा. वहाँ एसडीएम तो कह रहे हैं कि माओवादी यहाँ आ गए हैं...जनता घबराई हुई है और सरकारी कहती है सब ठीक-ठाक है."

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र से विभिन्न परियोजनाओं के लिए दिया जा रहा पैसा लोगों तक नहीं पहुँच रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना लागू करने के बारे में मुख्यमंत्री मायावती ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में इसकी ज़रूरत नहीं है.

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