आंधी-तूफ़ान में 39 की मौत, भारी तबाही

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Image caption उत्तर भारत के कई इलाक़ों में बुधवार रात आंधी के साथ बारिश हुई.

उत्तर भारत में बुधवार रात तेज़ अंधड़ के साथ आए तूफान में कम से कम 39 लोग मारे गए है. जानवरों और मवेशियों के मारे जाने को लेकर अभी तक सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं.

भारत की सरकारी रेडियो के अनुसार तूफ़ान में 56 लोग मारे गए हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीबीसी संवाददाता रामदत्त त्रिपाठी से कहा है कि उसके पास कम से कम 26 लोगों के मारे जाने की सूचनाएं पहुँच चुकी हैं.

जबकि बिहार में स्थानीय समाचार माध्यम 13 से 19 लोगों के मारे जाने का दावा कर रहे हैं.

पटना से बीबीसी संवादादाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि उत्तरी-बिहार के कई इलाक़ों में बिजली गुल है और मोकामा-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी ट्रैफ़िक जाम है.

उत्तर प्रदेश

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर ज़िले में बारात लेकर जा रहे एक वाहन पर पेड़ गिर जाने से आठ लोगों की मौत हो गई.

प्रदेश के जौनपुर, बनारस, बस्ती, भदोही और देवरिया से भी लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

राजधानी नई दिल्ली में शाम के समय कुछ देर के लिए तेज़ बारिश हुई, जिससे तापमान कम हो गया था.

मौसम विभाग के अनुसार 23 मई तक आंधी-तूफान के आते रहने की संभावना है लेकिन इससे तापमान में कमी होगी या नहीं ये कहना मुश्किल है.

बुधवार को दिल्ली में दिन का तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा जबकि न्यूनतम तापमान 30.7 पर था.

अखबारों के मुताबिक़ फ़ैज़ाबाद, गोरखपुर, बस्ती, आज़मगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद और कानपुर मंडलों में ज़्यादा तबाही हुई है.

ख़बरों में कहा गया है कि बनारस में कांग्रेस पार्टी के सम्मेलन के लिए लगाए गए तंबू आदि भी तूफान की भेंट चढ़ गए हैं.

बिहार

बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के सुपौल से लेकर पटना के नज़दीक वैशाली ज़िले में तारों पर बड़े पेड़ों के गिर जाने और खंभे उखड़ने से कई इलाक़ों में घंटों से बिजली नहीं है.

इसका असर संचार व्यवस्था पर भी पड़ा है.

बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर ने बताया है कि मोकामा से पटना को जोड़ने वाले हाईवे पर कहीं-कहीं बाधा उत्पन्न हो गई है और सड़कों पर गाड़ियों की लंबी क़तारें लगी हुई हैं.

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