कश्मीर के युवाओं के लिए नई योजना

  • 19 मई 2011
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Image caption कश्मीर में बेरोज़गारी एक भीषण समस्या बनी हुई है.

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने जम्मू कश्मीर में प्रशिक्षण और रोज़गार बढ़ाने की एक योजना को मंज़ूरी दे दी है जिससे पाँच साल में एक लाख युवाओं को नौकरी मिल सकेगी.

यह प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्रालय का था जिसके तहत जम्मू कश्मीर के ग्रामीण और शहरी इलाक़ों के युवाओं को प्रशिक्षण देने और नौकरियों के लिए तैयार किया जाना था.

इस योजना को सौ प्रतिशत केंद्र से सहायता मिलेगी. इसमें 235.3 करोड़ रुपए का खर्च आएगा जिसमें से 7.59 करोड़ रुपए ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक योजना से आएगा.

यह योजना अगले महीने ही शुरु हो जाएगी और अक्तूबर के महीने तक ट्रेनिंग के बाद युवाओं को नौकरियां भी मिल सकेंगी.

इस साल 15000 युवाओं को ट्रेनिंग मिलेगी जिसके बाद वो विभिन्न नौकरियों के लिए उपयुक्त हो सकेंगे या अपना बिजनेस शुरु कर पाएंगे.

पूर्व में प्रधानमंत्री में जम्मू कश्मीर में रोज़गार बढ़ाने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया था.इसी समूह ने अपनी रिपोर्ट में ट्रेनिंग के ज़रिए युवाओं की क्षमताओं में बढ़ोतरी की सलाह दी थी.

इसी समूह की सलाह पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्ताव रखा जिसे कैबिनेट ने मान लिया है.

योजना के तहत उन सभी युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी जो इस ट्रेनिंग में रुचि रखेंगे. इसके लिए ज़रुरी नहीं है कि वो स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई कर चुके हों.

ये ट्रेनिंग इस तरह की होगी कि युवाओं को नौकरी मिल सके. इस तरह की ट्रेनिंग सत्तर प्रतिशत होगी जबकि 30 प्रतिशत की ट्रेनिंग ऐसी होगी जिससे लोग अपना खुद का व्यवसाय शुरु कर सकें.

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