कश्मीर में हड़ताल और कर्फ़्यू

  • 21 मई 2011
कश्मीर (फ़ाइल) इमेज कॉपीरइट AP
Image caption कश्मीर में पिछले काफ़ी सालों से अशांति रही है.

भारत प्रशासित कश्मीर के पृथकतावादी नेता मीरवाईज़ उमर फ़ारूक़ के पिता मौलवी मुहम्मद फ़ारूक़ की बीसवीं पुण्यतिथि पर आयोजित रैली के पहले राज्य सरकार ने श्रीनगर के कुछ इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया है.

कश्मीर के कई पृथकतावादी नेताओं जैसे सैयद अली शाह गिलानी, मोहम्मद यासीन मलिक और शबीर अहमद शाह को उनके घर मे नज़रबंद कर दिया गया है.

इधर राज्य पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी किया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये लोग जुलूस के दौरान गड़बड़ी फैला सकते हैं.

दूसरी तरफ़ हुर्रियत कांफ़्रेस के नरमपंथी धड़े के आह्वान पर घाटी के कई क्षेत्रों में हड़ताल जारी है.

मौलवी मुहम्मद फ़ारूक़ की कुछ अज्ञात लोगों ने वर्ष 1990 में उन्हीं के घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ लोग रैली के दौरान पुलिस और फ़ौजी ठिकानों पर बम फेंकने की योजना बना रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रशासन को क़ानून-व्यवस्था के मद्देनज़र कर्फ़्यू लगाने का फै़सला लेना पड़ा.

'पुलिस स्टेट'

मिरवाईज़ उमर फ़ारूक़ का कहना है कि उनकी योजना एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम करने की थी.

मिरवाईज़ उमर फ़ारूक़ ने कहा, "हम शहीदों के लिए एक स्मारक की बुनियाद भी रखना चाहते थे. लेकिन यहाँ हुकू़मत हमेशा प्रजातांत्रिक कार्यक्रमों पर रोक लगाती रही है जिससे ये साबित होता है कि यह एक 'पुलिस स्टेट' है."

इस बीच श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र जहाँ रैली आयोजित की गई थी उसके अलावा पाँच दूसरे पुलिस थानों के भीतर पड़नेवाले सभी इलाकों में कर्फ़्यू जारी है.

राजधानी में स्कूल-कालेज और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं.

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