महानाडू में तेलंगाना का साया

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शुक्रवार को तेलुगु देसम के वार्षिक अधिवेशन 'महानाडू' शुरु हुआ. इस बैठक में अलग तेलंगाना राज्य को लेकर तनाव का साया साफ़ नज़र आया. पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू तेलंगाना के विषय पर अपने अस्पष्ट रुख के लिए लगातार आलोचनाओं का निशाना बने हुए हैं.

उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में पूरा ज़ोर अपने और अपनी पार्टी के बचाव पर लगाते हुए कहा कि तेलंगाना राज्य बनाने का फ़ैसला केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी को करना है न कि तेलुगु देसम को. जहाँ अधिवेशन स्थल पर तेलंगाना का मुद्दा छाया था वहीं बाहर कुछ तेलंगाना समर्थकों ने अधिवेशन के स्थल पर घुसकर गड़बड़ी फ़ैलाने की कोशिश की.

इनमें उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल थे. लेकिन तेलुगु देसम के कार्यकर्ताओं ने उन्हें खदेड़ दिया.

इधर भी-उधर भी

राज्य भर से आए हजारों प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर तेलंगाना और आंध्र दोनों ही क्षेत्रों के लोगों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं और यह पार्टी अध्यक्ष के रूप में उन की जिम्मेदारी भी है. कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य की मांग के मुद्दे पर जल्द की फैसला न करके कांग्रेस ने इस प्रांत के लोगों में अनिश्चितता को बढ़ाया है.

उन्हों ने कहा, "तेलुगु देसम का रुख इस विषय पर बिलकुल स्पष्ट है वह जनता की आकांक्षाओं के अनुसार चलेगी. लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपना रुख अब तक स्पष्ट नहीं किया है."

चंद्रूबाबू नायडू ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर भी निशाना साधते हुए कहा की वह कांग्रेस से मिली हुई है और उसका बहुत जल्द कांग्रेस में विलय हो जाने वाला है. नायडू ने वादा किया कि इस 'महानाडू' में तेलंगाना की मांग और आंध्र प्रदेश को एक रखने की मांग दोनों पर विस्तार से बहस होगी. इस 'महानाडू' में तेलंगाना एक बड़ा मुद्दा इसलिए भी बन गया है क्योंकि पार्टी ने दो ही दिन पहले तेलंगाना के अपने एक वरिष्ठ नेता और विधायक नागम जनार्दन रेड्डी को निलंबित कर दिया है.

जहाँ नागम तेलंगाना का विषय जोरशोर से उठा रहे थे वहीं चंद्रबाबू नायडू और उनके समर्थकों को यह बात पसंद नहीं थी.

इस संदर्भ में अब पार्टी तेलंगाना के लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रही है कि वह तेलंगाना राज्य की विरोधी नहीं है.

नई पीढ़ी की लड़ाई

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Image caption एनटीआर के पोस्टरों के सहारे लड़ी जा रही है लड़ाई

इस 'महानाडू' में नई पीढ़ी के दो युवाओं के बीच पोस्टरों का युद्ध भी सामने आया.

दोनों ही व्यक्ति एनटीआर परिवार से संबंध रखते हैं.

इसमें एक ओर एन लोकेश बाबू चंद्रबाबू के पुत्र हैं और वह उन्हें सक्रिय राजनीति में लाकर पार्टी में एक बड़ी ज़िम्मेदारी देना चाहते हैं.

दूसरी और अभिनेता एनटीआर जूनियर हैं जो तेलुगु देसम के संस्थापक एनटी रामाराव के पोते हैं और देखने में बिलकुल अपने दादा की तरह दिखाई देते हैं.

कुछ लोग, विशेषकर उन के पिता एन हरिकृष्ण, एनटीआर जूनियर को भी तेलुगु देसम में एक अहम भूमिका दिलाना चाहते हैं. ऐसा लगता है कि'महानाडू' के शेष दो दिनों में इस खींचातानी के और भी दृश्य देखने को मिल सकते हैं.

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