'पाकिस्तान आंतक के दैत्य को नियंत्रित करे'

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Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अफ़्रीका के दौरे पर थे

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी आँखें खोलनी होंगी और आतंकवाद के दैत्य से निपटना होगा.

अफ़्रीका दौरे से लौटते हुए विमान में पत्रकारों से बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के पड़ोसी होने के नाते भारत को आंतक के उस ढांचे को लेकर गहरी चिंता है जो पाकिस्तान अब भी बरकरार है.

कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में जो रहा है उसे देखकर तो और भी लगता है कि पाकिस्तान के नेतृत्व को अब जाग जाना चाहिए.”

डेविड हेडली मामले पर मनमोहन सिंह का कहना था कि उसने ऐसा कुछ भी नया नहीं बताया है जो भारत को पहले से पता नहीं था.

आईएमएफ़ के नए प्रमुख के मसले पर उनका कहना था कि इस तरह की संस्थाओं पर अमीर देशों की पकड़ ख़त्म होने में समय लगेगा.

अन्य मुद्दे

घरेलू मुद्दों पर बात करते हुए मनमोहन सिंह ने कैबिनेट में फेरबदल पर संपेंस कायम रखा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं स्वदेश लौटूँगा तो इस पर दिमाग़ लगाउँगा.जनवरी में उन्होंने मंत्रिमंडल में मामूली फेरबदल किया था.

उन्होंने भरोसा जताया कि तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता के बावजूद भारत 8.5 फ़ीसदी की विकास दर हासिल कर पाएगा.

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपनी सालाना क्रेडिट नीति में विकास दर घटाकर आठ फ़ीसदी कर दी थी.

कृषि क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इस बार सामान्य मॉनसून की उम्मीद है और अगर ऐसा होता है तो खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने में मदद मिलेगी.

तेल की बढ़ती कीमत पर उनका कहना था कि तेल सब्सिडी को लेकर समस्याएँ हैं और इस पर विचार किया जाएगा.

वहीं बंगाल और केरल में वामपंथी पार्टियों की हार के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दर्शाता है कि वामदलों को देश की राजनीति के बारे में ज़रूरी सबक सीखने की ज़रूरत है.

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