'सियाचिन पर जारी रहेगी बातचीत'

  • 31 मई 2011
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दिल्ली में सियाचिन के मसले पर भारत और पाकिस्तान के रक्षा सचिवों की 30 और 31 मई को हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने मौजूदा वार्ता प्रक्रिया का स्वागत किया है.

वार्ताओं के बाद संयुक्त बयान में कहा गया है कि बातचीत मुक्त और दोस्ताना माहौल में हुई, जिससे सियाचिन पर दोनों देशों की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलेगी.

सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया के सबसे ऊंचा जंग का मैदान माना जाता है. ये पाकिस्तान और भारत प्रशासित कश्मीर से सटा हुआ है.

संयुक्त बयान में कहा गया है, "दोनों देशों ने अपना-अपना पक्ष रखा और सियाचिन के मसले हल करने के लिए अपने सुझाव पेश किए. दोनों देश इस विषय पर आगे भी सार्थक बातचीत जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं.अगली बैठक इस्लामाबाद में होगी,जिसकी तारीख़ दोनों देश मिलकर बाद में तय करेंगे."

रक्षा सचिव स्तर की इस बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव प्रदीप कुमार ने की. पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के रक्षा लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अथर अली कर रहे थे.

पाकिस्तान के रक्षा सचिव भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी से भी मिले.

भारत और पाकिस्तान के बीच समग्र वार्ता प्रक्रिया नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के बाद से रुकी हुई थी. भारत की शर्त लगाई थी कि किसी भी बातचीत से पहले पाकिस्तान अपनी भूमि पर भारत-विरोधी चरमपंथ के नेटवर्क को नष्ट करे.

दोनों देशों के रक्षा सचिवों की ये बैठक तीन साल के बाद हुई है. सियाचिन ग्लेशियर के मुद्दे पर बैठक सबसे पहले 1985 में हुई थी जब भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल ज़िया-उल-हक़ थे.

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